आयुर्विज्ञान में शोध करें चिकित्सक: हृदय नारायण दीक्षित

लखनऊ ब्यूरो। विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि आयुर्वेद इस देश की चिकित्सा पद्धति ही नहीं बल्कि आयुर्विज्ञान है। भारत ने आयुर्वेद में दुनिया का नेतृत्व किया है। आज आयुर्विज्ञान में शोध की जरूरत है। वह शुक्रवार को गांधी भवन सभागार में प्रादेशिक चिकित्सा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा संघ के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि अरब देशों ने स्वीकार किया है कि आयुर्वेद का आविष्कार भारत में हुआ। अरब देशों से होता हुआ पश्चिम के देशों में आयुर्वेद पहुंचा। जन्म व मृत्यु के बीच का जो कालखण्ड है वह आयुर्वेद द्वारा ही ठीक रखा जा सकता है। स्वयं अपने अंदर की नाड़ी शोधन, स्वप्न, भाव व स्वाद का आभास जैसे विषयों पर भारतीय ऋषियों ने खोज की।

दीक्षित ने कहा कि अमेरिका के विद्वानों ने भी अथर्ववेद को स्वीकारा है। शोध के क्षेत्र में दुनिया भर में भारत का नाम रहा है। प्रादेशिक चिकित्सा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा संघ से जुड़े चिकित्सक नई चीजों पर काम करें। उन्होंने आश्वासन दिया है कि प्रादेशिक चिकित्सा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा संघ की सभी मांगों को हम मुखी तक पहुंचायेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में हमारे पूर्वजों ने संसाधनों के अभाव में भी काफी काम किया है। आज हमारे पास तमाम आधुनिक संसाधन और उनके द्वारा खोजा गया काफी ज्ञान विज्ञान है। हम उस ज्ञान-विज्ञान के आधार पर आगे भी शोध कर सकते हैं। दीक्षित ने कहा कि आयुर्वेद एक प्राचीन चिकित्सा पद्धति है। इसके चिकित्सक गांव-गांव में बिना किसी सुख सुविधा के सभी मरीजों की सेवा करते हैं। इस पद्धति के चिकित्सकों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिली।

प्रादेशिक चिकित्सा एवं सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा संघ के नव निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार दुबे ने कहा कि भारत के चिकित्सक दुनियाभर में लोकप्रिय हैं। यह भारतीय संस्कृति की विशेषता के कारण है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति व संस्कारों के कारण एलोपैथ की अपेक्षा आयुर्वेद के चिकित्सक अधिक संवेदनशील होते हैं।

सम्मेलन में विधानसभा अध्यक्ष ने सेवानिवृत्त चिकित्सकों को सम्मानित भी किया। डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने आये हुए अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ. मनोज कुमार गुप्ता, डॉ. सुनीत सक्सेना, डॉ. आरपी गुप्ता, डॉ. सत्येन्द्र सिंह, डॉ दिनेश दीक्षित, डॉ ओम प्रकाश सिंह, डॉ गणेश प्रसाद, डॉ. डीपी कनौजिया, डॉ आरके सचान और डॉ राम कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper