आरा बम ब्लास्ट में आया नया मोड़, आप भी पढ़ेंगे तो रह जाएंगे हैरान

आरा। बिहार के आरा में गुरुवार को बिहार के आरा बम ब्लास्ट में नया मोड़ सामने आया है। जिसके बाद ये पूरा मामला आंतकी घटना की जगह जमीन विवाद से जुड़ गया है। जानकारी के मुताबिक जमीनी विवाद को लेकर हरेंद्र सिंह को मारने के लिए जीतेन्द्र ने अपराधियों को बुलाया था। गिरफ्तार दो अपराधियों में जीतेन्द्र पर आरा मुफस्सिल थाने में 1 मई 2017 को हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ था। उस समय भी उसने हरेंद्र को गोली मारी थी,लेकिन तब वह बच गया था। तभी से ही वह फरार चल रहा था और पश्चिम बंगाल के चौबीस परगना जिले के शास्त्रीनगर में रहता था।

वहीं से वह चार अपराधियों के साथ गुरुवार की सुबह 5.55 बजे विभूति एक्सप्रेस से आरा पहुंचा। वहां से ऑटो रिजर्व कर सभी शीशमहल चौक पहुंचे। बगल में स्थित हरखेन धर्मशाला में पहुंचे और कमरा नंबर 110 देखने के बाद रूम में थे कि 5 मिनट के अंदर ही करीब 6.30 बजे विस्फोट हो गया। बता दें कि तीन सदस्यीय एटीएस और फोरेसिंक टीम भी इनपुट और जांच के लिए पहुंची। इसके पूर्व सीआरपीएफ के बम निरोधक दस्ता भी पहुंचा था।

शहर के शीशमहल चौक स्थित हरिखेन कुमार जैन धर्मशाला में गुरुवार की सुबह एक शक्तिशाली बम विस्फोट हुआ। विस्फोट की इस घटना में कमरे में मौजूद अपराधियों में से दो बुरी तरह घायल हो गया। उस पुलिस ने हिरासत में लेकर इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया है। बम का धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के इलाके में पूरी तरह दहशत फैल गई थी। कमरे के दोनों दरवाजे और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हुए हैं। कमरे में एक पिस्टल गिरा है। मौके पर नगर इंस्पेक्टर जेपी सिंह ने पुलिस बल के साथ पहुंचकर धर्मशाला के रजिस्टर को जब्त कर लिया। इसके साथ ही धर्मशाला में बाहर से किसी के आने या बाहर निकलने पर रोक लगा दी।

एसपी अवकाश कुमार ने सदर अस्पताल पहुंचकर घायल अपराधी से पूछताछ की। पटना रेफर होने के पूर्व अपराधी ने पुलिस को बताया कि वे सभी कोलकाता से गुरुवार की सुबह ही विभूति एक्सप्रेस से आरा पहुंचे थे। स्टेशन पर उतर ऑटो से शीशमहल चौक पर पहुंचे और फिर वहीं मौजूद हरखेन धर्मशाला में गए। धर्मशाला के स्टाफ ने कमरे में पहुंचकर सभी को कमरा दिखाया और बाहर निकला। इसी बीच एक अपराधी चार बम शरीर में बांधने लगा। तबतक विस्फोट हो गया।

अपराधी ने अपना नाम वृहस्पति उर्फ विक्की बताया है,जो पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तेलीपाड़ा का है। वहां पर राजमिस्त्री का कार्य करता है। अपराधी ने बताया कि उस आरा के जीतेन्द्र ने 4 लाख रुपये देने को कहा था। किसी आपराधिक घटना को अंजाम देना था। जीतेन्द्र का आईडी मिलने की बात भी बतायी जा रही है।

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