आर्ट ऑफ लिविंग उत्तम मानसिक स्वास्थ्य और तनाव से राहत के लिए उत्तर प्रदेश में-हर घर ध्यान सत्र आयोजित करेगा

उत्तम मानसिक स्वास्थ्य को पोषित करने तथा शांतिपूर्ण, स्पष्ट और तनाव मुक्त मस्तिष्क के लिए साधनों और अभ्यासों की बढ़ती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, आर्ट ऑफ़ लिविंग के तत्वावधान में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ पर उत्तर प्रदेश में 26 जनवरी को ‌ ‘हर घर ध्यान’ अभियान की शुरुआत की जा रही है । यह अभियान भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की एक पहल है और जिसे शिक्षा मंत्रालय व विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा अनुशंसित किया गया है।
” आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक वैश्विक मानवतावादी एवं आध्यात्मिक गुरु, गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने कहा, “पिछले दो वर्षों में महामारी, युद्ध और प्राकृतिक आपदाओं ने हमारे उत्साह, खुशी और आत्मविश्वास को दुर्बल बना दिया है। हमें इसे फिर से बढ़ाने की जरूरत है। ‘हर घर ध्यान’ मॉड्यूल के तहत विभिन्न संस्थाएं, आर्ट ऑफ लिविंग प्रशिक्षकों की सहायता से ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य पर एक घंटे के नि:शुल्क सत्र संचालित करेंगी जिसका मॉड्यूल स्वयं गुरुदेव श्री श्री रविशंकर द्वारा तैयार किया गया है। गुरूदेव ने कहा कि भारत ने हर घर ध्यान ( हर घर में ध्यान) का आव्हान किया है। हमें एक तरफ भय एवं दूसरी तरफ अपराधबोध, दोनों से आजादी चाहिए।

हर घर ध्यान सत्र के मुख्य उद्देश्य हैं व्यक्तियों को अपने स्वयं के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की देखभाल करने के महत्व से परिचित कराना , ध्यान को एक सरल और आसान अभ्यास के रूप में प्रस्तुत करना तथा जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एक तकनीक का अनुभव कराना। भारत में खासकर कोविड के समय और उसके बाद, तनाव, चिंता, प्रदर्शन के दबाव और अवसाद के कारण आत्महत्या और खुद को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं में चिंताजनक वृद्धि हुई है। अनुसंधान से पता चलता है कि ध्यान चिंता और तनाव को काफी कम कर सकता है, प्रसन्नता और उल्लास बढ़ाने वाले हार्मोन के उत्पादन में वृद्धि कर सकता है, मस्तिष्क में ग्रे पदार्थ की मात्रा में वृद्धि का समर्थन कर सकता है, और मस्तिष्क में अल्फा तरंग गतिविधि को बढ़ा सकता है जो विश्रांति की भावना पैदा करता है ।हृदय गति को कम करता है और रक्तचाप को नियंत्रित करता है। यह मन में शांति और स्पष्टता लाता है। “इस वर्ष, दुनिया भारत की ओर देख रही है और हमें अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और सभी के साथ साझा करने की दिशा में काम करने की आवश्यकता है। जब हम अपना जीवन इस दिशा में समर्पित करते हैं तो हम एक अधिक सार्थक जीवन जीने में सक्षम होंगे ।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
-----------------------------------------------------------------------------------------------------
-------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper