इंटरनेट के युग में भी हस्तलिखित ग्रंथों का विशेष महत्व

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की अमीरुद्दौला पुस्तकालय में शनिवार को राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन नई दिल्ली एवं इंटेक पांडुलिपि संरक्षा केंद्र द्वारा आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला ‘पांडुलिपियों का सुरक्षात्मक’ संरक्षण’ का उद्घाटन लखनऊ के मंडलायुक्त अनिल गर्ग द्वारा किया गया।

इस अवसर पर गर्ग ने कहा कि वर्तमान में इंटरनेट के युग में भी हस्तलिखित ग्रंथों और पुस्तकों का विशेष महत्व है। इन्हें हम संरक्षित और सुरक्षित कर जब चाहे तब पढ़ सकते हैं। वहीं, इंटेक पांडुलिपि संरक्षण केंद्र लखनऊ एवं कार्यशाला की संयोजक ममता मिश्रा ने बताया कि पांडुलिपियां अति जीर्ण शीर्ण अवस्था में हैं, इन्हें सुरक्षित एवं संरक्षित किये जाने की आवश्यकता है।

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