इंसेफेलाइटिस प्रभावित जिलों में घर घर दस्तक देगी टीम: योगी

सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य को लेकर वह संकल्पित हैं। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज की घटना आज भी उन्हें मानसिक रूप से विचलित करती है। ऐसी घटना अब नहीं हो और प्रदेश के किसी भी मां बाप की गोद सूनी न हो इसके लिए उनकी सरकार हर घर में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को दस्तक दिलाएगी।

इंसेफेलाइटिस प्रभावित प्रदेश के 37 जिलों में दस्तक अभियान चलाकर जेई और एई पर अंकुश लगाया जाएगा। सोमवार को जिले के दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सीएमओ को निलंबित कर दिया है और डीएम पर भी कार्रवाई करने को कहा है। मुख्यमंत्री के इस सख्त रवैये से जिले के अफसरों में हड़कम्प है।

मुख्यमंत्री का पूरा फोकस स्वास्थ्य विभाग को लेकर था। वह सोमवार को जिले में जैसे ही सिद्धार्थनगर पहुंचे सीधा जिला अस्पताल पहुंच गए। वहां अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद उन्होंने अफसरों को मरीजों के लिए बेहतर व्यवस्था की चेतावनी दी है। इस दौरान उन्होंने सिटी स्कैन की सुविधा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी 100 बेड का अस्पताल के लिए बनकर तैयार है आने वाले दिनों में फिर 300 बेड दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जल्द ही मेडिकल कॉलेज का वह शिलान्यास भी करने आएंगे। दिमागी बुखार की रोकथाम के लिए यूनिसेफ के सहयोग से दस्तक कार्यक्रम के तहत विशेष संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़ा की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला संयुक्त चिकित्सालय सिद्धाथज़्नगर में करते हुए 11 संदेश वाहनों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया है।

मुख्यमंत्री ने इमरजेंसी वार्ड में एडमिट मरीजों से मुलाकात की और उनके परिजनों से कुशलता जानी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को लेकर दस्तक टीम हर घर में जाएगी और वहां टीकाकरण करेगी। सुरक्षा को लेकर पूरा ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि मासूमों के भविष्य को लेकर गंभीर है। सरकार बच्चों की सेहत और उनकी पढ़ाई को लेकर पूरी तरह से कटिबद्ध है और हर स्तर पर प्रयास किया जा रहा है। किसी भी दशा में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए नहीं तो अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। लापरवाही में उनका एक्शन सीएमओ और इटवा थानाध्यक्ष के साथ एक एसआई पर हुआ है। इसी के साथ डीएम पर भी कारज़्वाई की बात योगी ने की है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी जिले में 3 घंटे तक रहे। इस दौरान अफसरों की सांस फूलती रही। अफसरों पर कार्रवाई से सरकारी महकमे में हड़कम्प मच गया और वह काफी सहम गए है। मुख्यमंत्री का सांसद जगदंबिका पाल, सदर विधायक श्याम धनी राही, डुमरियागंज विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, इटवा विधायक सतीश द्विवेदी सहित भाजपा के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उनकी इस यात्रा को सांसद सहित अन्य लोगों ने जिले के विकास की कड़ी में अहम बताया है।

मुख्यमंत्री के जिला अस्पताल निरीक्षण के दौरान एक शिकायत भी मिली जिसमें मरीज को भर्ती नहीं किए जाने का आरोप था। पीडि़त का कहना है कि मुख्यमंत्री के आगमन से एक घण्टे पूवज़् पहुंची एक महिला को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्रवेश नहीं लिया गया। दर्द एवं बुखार से कराह रही ककरहवा क्षेत्र के मेहनौली की रहने वाली महिला रेनू को उसका पति गोद में लेकर इधर उधर घूमता रहा, लेकिन जिला अस्पताल से सहयोग न मिलने की वजह से वह वहां से किसी तरह से प्राइवेट वाहन कर किसी निजी अस्पताल की तरफ चल दिया। बताया जा रहा है कि ऐसी ही शिकायतों को लेकर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सीएमओ पर कार्रवाई की है।

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