इन्डिया बुक्स आफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ गोण्डा जिले का नाम

गोंडा: मिशन-32 की कामयाबी के बाद देश के सबसे गन्दे शहर के रूप में जिले के माथे पर लगा बदनुमा दाग धुल गया। जनपद ने इन्डिया बुक्स आॅफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज कराकर देश का पहला ऐसा जनपद बनने के गौरव हासिल किया जहां पर मात्र 120 घन्टे में बत्तीस हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया, इसके पहले यह रिकार्ड आन्ध्र प्रदेश के नाम दर्ज था जिसे गोण्डा ने तोड़कर रिकार्ड अपने नाम दर्ज करा लिया। देश की नामी संस्था इन्डिया बुक्स आफ रिकॉड्स के एडिटर इन चीफ विश्वजीत राय चैधरी ने जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी को इन्डिया बुक्स आफ रिकाड्र््स का प्रमाणपत्र व मेडल प्रदान किया तो पूरा जिला पंचायत हाल तालियों से गूंज उठा।

बताते चलें कि जिला प्रशासन गोण्डा द्वारा एक सौ बीस घन्टे में जिले में बत्तीस हजार शौचालय बनवाने का निर्णय लिया गया और पूरी सरकारी मशीनरी को मिशन-32 हासिल करने के लिए फील्ड में उतार दिया गया। जिले की 1054 ग्राम पंचायतों में मानीटरिंग के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर 210 नोडल अफसर लगाए गए तथा व्हाट्सअप ग्रुप के जरिए पल-पल की मॉनिटरिंग स्वयं जिलाधिकारी व सीडीओ ने की। इस मिशन की सबसे बड़ी बात यह रही कि बिना सहयोग राशि मिले ही लाभार्थियों ने जिलाधिकारी की इस पहल को सर आंखो पर लिया और मिशन को कामयाब बनाने में जी जान लगा दी। ग्राम प्रधानों से लेकर हर स्तर पर सहयोग मिला और लक्ष्य से अधिक शौचालय बनाकर गोण्डा का नाम इन्डिया बुक्स आफ रिकॉड्स में दर्ज हो गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी जेबी सिंह ने पूरी टीम को बधाई देते हुए इस पवित्र मिशन की कामयाबी का पूरा श्रेय जिले की जनता, ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों तथा स्वच्छाग्राहियों को दिया। उन्होने अपने उद्बोधन में कहा कि अब गोण्डा और गोण्डा के लोग बदल रहे हैं। यह एक जनक्रान्ति है जिसे गोण्डा की जनता ने मिशन के रूप में स्वीकार किया और और गोण्डा को नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज हुआ। उन्होने कहा कि अब मिशन एक लाख की बारी है जिसे भी जनता के सहयोग से हासिल किया जाएगा। मिशन-32 का तानाबान बुनने वाली विकास विभाग की मुखिया सीडीओ दिव्या मित्तल ने बड़ी खुशी के साथ पूरे मिशन को जिले की जनता को सौंपते हुए कहा कि इस अभियान की कामयाबी का पूरा श्रेय गोण्डा के लोगों को जाता है।

अब गोण्डा की पहचान देश के सबसे गन्दे नहीं बल्कि सबसे स्वच्छ शहर के रूप में होगी। एसपी लल्लन सिंह ने कहा कि गोण्डा की पहचान मात्र पांच दिनों में बदल गई है। इसके लिए जिले की जनता को सलाम। इस अवसर पर डीडी पंचायत एके सिंह, एमएलसी महफूज खां, सांसद कैसरगंज प्रतिनिधि संजीव सिंह, सांसद गोण्डा रमाशंकर मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए अभियान की कामयाबी की सराहना की।

इन्डिया बुक्स आफ रिकॉड्स के एडिटर इन चीफ ने अपने सम्बोधन में कहा कि जब जिलाधिकारी गोण्डा का अनुरोध पत्र उन्हें मिला जिसमें मात्र पाचं दिन में बत्तीस हजार शौचालय बना लेने का जिक्र था तो प्रथम दृष्टया मुझे इस बात का विश्वास ही नहीं हुआ कि देश के सबसे गन्दे शहर में ऐसा काम भी हो सकता है। परन्तु आज गोण्डा ने यह कीर्तिमान स्थापित कर अपने संकल्प को पूरा कर दिखाया। चौधरी ने जिलाधिकारी व सीडीओ को प्रमाणपत्र व मेडल देकर जिले के नाम यह उपलब्धि दर्ज कराई। कार्यक्रम के दौरान इस अभियान में शानदार काम करने वाले प्रत्येक ब्लाक के दो-दो लाभार्थियों को जिलाधिकारी, एसपी व सीडीओ द्वारा अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति प्रदान किया गया।

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