इन्दिरा नहर से रेसक्यू गर्भवती डाल्फिन की मौत

लखनऊ: चिनहट के जुग्गौर रेलवे क्रासिंग के पास इंदिरा नहर से रेसक्यू कर घाघरा नदी ले जाने के दौरान एक गर्भवती मादा डाल्फिन की मौत हो गयी। लखनऊ चिड़ियाघर के डाक्टर ने मृत डाल्फिन का पोस्टमार्टम किया तो डाल्फिन के पेट में उसका बच्चा भी मृत मिला। जानकार मान रहे हैं कि रेसक्यू में लापरवाही बरतने के कारण दोनो की जान चली गयी। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डाल्फिन की मौत का कारण सांस का अवरूद्ध होना व आघात लगना बताया गया है।

चिनहट क्षेत्र से निकलने वाली शारदा सहायक पोषक (इंदिरा नहर) की जुग्गौर रेलवे क्रासिंग के पास ग्रामीणों ने शुक्रवार शाम डाल्फिन मछली देखी गई थी। जिसके बाद कौतूहल का विषय बन गया था। जुग्गौर गांव के लोगों ने इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी थी। वन विभाग कुकरैल के क्षेत्राधिकारी महेंद्र सिंह यादव अपनी टीम के साथ शनिवार सुबह डाल्फिन को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने टीएसए (टर्टल सर्वाइकल एलायंस) टीम के डॉ. शैलेन्द्र सिंह की मदद से सुबह 10 बजे डाल्फिन को पकड़ने के लिए नहर में जाल डाला।

दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर मछली जाल में फंसी। जिसके बाद गोताखोरों और रेसक्यू टीम ने पकड़ी गई डाल्फिन को जाल से बाहर निकाला और स्ट्रेचर पर गद्दा बिछाकर लिटाया गया और कम्बल से लपेट दिया गया। उसके बाद डीसीएम में लादकर बहराइच स्थित घाघरा नदी में छोड़ने के लिए ले कर चल दिये। रास्ते में ही डाल्फिन ने दम तोड़ दिया। चिड़ियाघर के निदेशक आरके सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला की डाल्फिन के पेट में बच्चा था। उन्होंने कहा कि डाक्टर ने इसकी मौत का कारण सांस का अवरूद्ध होना व आघात लगना बताया है।

उन्होंने कहा कि इन्दिरा नहर में पानी काफी कम था जिससे उसको प्रयाप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाये। नहर में जब पानी की कमी आ जाती है तो वहां प्रदुषण बढ़ जाता है। हो सकता है कि प्रदुषण व प्रयाप्त पानी ने मिलने से डाल्फिन के पोट का बच्चा मर गया हो और बात में डाल्फिन भी।

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