इन अभिनेत्रियों की डेब्यू फिल्म से गायब है इनकी आवाज़, हिंदी में हाथ था तंग और भारी आवाज़ थी वजह !

फिल्म के हीरो की तरह ही हीरोइनों(Bollywood Actresses) के हिस्से में भी अब दमदार डायलॉग्स(Dialogues) आते हैं। इस बात को झुठलाया नहीं जा सकता कि पर्दे पर दमदार डायलॉग्स बोलने के लिए हिन्दी भाषा पर अच्छी पकड़ होनी भी बेहद जरुरी है। आप जानकर हैरान हो जाएंगे कि इंडस्ट्री में कई ऐसी अभिनेत्रियां मौजूद हैं, जिनकी डेब्यू फिल्म(Debut Film) से उनकी ओरिजनल आवाज़(Original Voice) गायब है। किसी का हाथ हिंदी डायलॉग्स बोलने में टाइट था, तो किसी की आवाज़ को भारी होने की वजह से रिजेक्ट कर दिया गया था। लेकिन आगे चलकर अपनी आवाज़ से ही इन्होने दर्शकों का दिल जीता।

बिपाशा बसु

डस्की ब्यूटी बिपाशा बसु ने फिल्म ‘अजनबी’ से डेब्यू किया था। लेकिन अगर आप इस फिल्म को दोबारा देखेंगे तो पाएंगे कि इस फिल्म में बिपाशा का सिर्फ चेहरा है उनकी आवाज़ नहीं है। मॉडलिंग वर्ल्ड से फिल्मों में कदम रखने वाली बिपाशा की आवाज़ तब तक हिन्दी डायलॉग बोलने के लिए तैयार नहीं थी। जिसके चलते अब्बास-मस्तान ने उनके डायलॉग्स को डबिंग आर्टिस्ट से डब करवाया था। फिल्म ‘राज़’ और ‘जिस्म’ ‘हेरा फेरी’ से भी बिपाशा की आवाज़ गायब है।

दीपिका पादुकोण

दीपिका पादुकोण इंडस्ट्री की हिरोइन नंबर वन हैं। पद्मावत, बाजीराव मस्तानी, गोलियों की रासलीला राम लीला जैसी फिल्मों में दीपिका दमदार डायलॉग बोलती दिखी हैं। लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि दीपिका की डेब्यू फिल्म ‘ओम शांति ओम’ के कुछ हिस्सों को दमदार बनाने के लिए दीपिका के डायलॉग्स को किसी डबिंग आर्टिस्ट से डब करवाया गया था।

प्रीति ज़िंटा

डिंपल गर्ल प्रीति जिंटा ने 1998 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘सोल्जर’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। प्रीति की डिंपल स्माइल और क्यूटनेस दर्शकों के दिलों में घर कर गई थीं। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि फिल्म में प्रीति की ओरिजन आवाज़ नहीं है। प्रीति की आवाज़ को भी डब किया गया था।

जैकलीन फर्नांडिस

श्रीलंका से आई ब्यूटी क्वीन जैकलीन फर्नांडिस बॉलीवुड में अपनी खास पहचान बनाने में कामयाब रही हैं। कड़ी मेहनत से जैकलीन हिंदी बोलना भी सीख गई हैं। हांलाकि करियर के शुरुआती दौर में जैकलीन का हाथ भी हिंदी बोलने में टाइट था। जिसकी वजह से फिल्ममेकर्स को उनकी आवाज़ डबिंग आर्टिस्ट से डब करवानी पड़ती थी। जैकलीन की शुरुआती सभी फिल्मों में उनकी अपनी आवाज़ नहीं है।

कटरीना कैफ

बॉलीवुड की ‘बार्बी डॉल’ कटरीना कैफ आज भी लड़खड़ाती ज़ुबान में हिंदी बोलती हैं। कटरीना ने अपनी हिंदी में काफी सुधार किया है। लेकिन फिर भी वो परफेक्शन से काफी दूर हैं। मैने प्यार क्यों किया, सरकार, हमको दीवाना कर गए जैसी फिल्मों में कटरीना की आवाज़ को डबिंग आर्टिस्ट से डब करवाया गया था।

रानी मुखर्जी

रानी मुखर्जी को इस लिस्ट में देखकर हैरान रह गए ना आप। लेकिन सच यही है कि रानी मुखर्जी को भी अपनी आवाज़ डबिंग आर्टिस्ट से डब करवानी पड़ी थी। फिल्म ‘गुलाम’ में आपको रानी की आवाज़ सुनने को नहीं मिलेगी। रानी की हिंदी में तो कोई गड़बड़ नहीं थी बल्कि उनका आवाज़ में मौजूद भारीपन इस रिजेक्शन का कारण बना था। अब रानी की यही अलग आवाज़ उनकी अदाकारी की जान कहलाती है।

श्रीदेवी

बॉलीवुड की पहली सुपरस्टार का खिताब श्रीदेवी ने अपने नाम किया था। लेकिन आप ये जानकर हैरान रह जाएंगे कि अपने करियर की कई हिंदी फिल्मों में श्रीदेवी ने आवाज़ ने नहीं दी थी। श्रीदेवी ने पहली बार फिल्म 1989 में रिलीज़ हुई ‘चांदनी’ में अपने डायलॉग्स खुद बोले थे। जबकि उन्होने 1979 में फिल्म ‘सोलवां सावन’ से डेब्यू किया था। श्रीदेवी की आवाज़ ज्यादातर नाज़ से डब करवाई जाती थी। जबकि फिल्म ‘आखिरी रास्ता’ में श्रीदेवी की आवाज को रेखा ने डब किया था।

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