इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण में यूपी ने दिल्ली और कर्नाटक को पछाड़ा

नई दिल्ली: पिछले कुछ वर्षों में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में वृद्धि हुई है। कोरोना महामारी के दौरान व्यक्तिगत वाहन के तौर पर ग्राहकों ने इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति भी विशेष रूचि दिखाई। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास की अगुवाई कर रहे हैं। केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को संसद में ईवी बिक्री में शीर्ष भारतीय राज्यों की सूची का खुलासा किया। इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकरण के मामले में उत्तर प्रदेश, दिल्ली और कर्नाटक शीर्ष तीन राज्यों के रूप में उभरे हैं। नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि भारत में अब तक 8,70,141 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण हो चुका है। उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 2,55,700 यूनिट इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। वहीं इसके बाद दिल्ली में 1,25,347 यूनिट और कर्नाटक में 72,544 यूनिट इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया गया है।

शीर्ष पांच राज्यों में, बिहार 58,014 इलेक्ट्रिक वाहनों और महाराष्ट्र 52,506 इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर रहा। इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए, केंद्र सरकार ने 2015 में भारत में ‘फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ (हाइब्रिड एंड) इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, यानी FAME योजना की शुरूआत की थी।

अप्रैल 2019 में केंद्र सरकार ने फेम-2 (FAME-II) योजना की घोषणा करते हुए 10,000 करोड़ रुपये की अतरिक्त बजट की घोषणा की और इस योजना को पांच साल के लिए बढ़ा दिया। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगने वाले जीएसटी को 28 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया।

फेम-2 नीति के तहत चार्जिंग स्टेशनों के विकास को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जीएसटी को भी कम किया गया। कई राज्य सरकारों ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए अपनी संबंधित ईवी नीति की घोषणा की है।

इलेक्ट्रिक वाहन नीति का उद्देश्य केवल मांग को बढ़ा ही नहीं बल्कि उत्पादन को भी प्रोत्साहन देना है। इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए ईवी निर्माता और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स को सब्सिडी और प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त, पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमत के बीच, इलेक्ट्रिक वाहनों की एक विस्तृत श्रृंखला की उपलब्धता भी पूरे भारत में बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को बढ़ा रही है।

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