इसलिए कुछ दिनों तक फोन ऑफ कर लेती हैं नीता अंबानी, लोगों से मिलना भी कर देती हैं बंद !

नई दिल्ली: रिलायंस (Reliance) इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता अंबानी ना सिर्फ अपने बिजनेस सेंस बल्कि शानदार विजन के लिए भी जाने जाते हैं। शिक्षा से लेकर खेल के क्षेत्र तक में नीता अंबानी सक्रीय हैं। वह खुद एक टीचर भी रह चुकी हैं। मुंबई स्थित धीरू भाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल धीरू भाई अंबानी इंटरनेशनल स्कूल बेहद पॉपुलर और आधुनिक तकनीक से लैस स्कूल है। इस स्कूल में देश के जानी-मानी शख्सियतों के बच्चे पढ़ाई करते हैं।

नीता अंबानी कहती हैं कि अगर देश के तमाम स्कूलों में पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था हो जाती तो लोग धीरू भाई अंबानी स्कूल के पीछे ही नहीं पड़े रहते। और फिर मुझे लोगों को मना भी नहीं करना पड़ता।

नीता अंबानी कहती हैं कि अगर देश के तमाम स्कूलों में पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था हो जाती तो लोग धीरू भाई अंबानी स्कूल के पीछे ही नहीं पड़े रहते। और फिर मुझे लोगों को मना भी नहीं करना पड़ता। ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में नीता अंबानी ने बताया था कि जब स्कूल में एडमिशन का टाइम चलता है तब वह कुछ दिनों के लिए लोगों से मिलना जुलना बंद कर देती हैं।

नीता अंबानी ने बताया था कि वह ना सिर्फ मेलजोल कम कर देती हैं बल्कि कई बार तो अपना मोबाइल फोन भी ऑफ कर देती हैं। नीता अंबानी का कहना है कि एडमिशन स्टार्ट होने के बाद तमाम लोगों के सिफारशी फोन आते हैं। नीता बताती हैं कि मेरे बस में होता तो सबका एडमिशन कर लेती लेकिन यह पॉसिबल नहीं है।

नीता अंबानी बताती हैं कि हर कोई चाहता है कि उनका बच्चा अच्छे से अच्छे स्कूल में पढ़े, लेकिन इसके पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। नीता अंबानी कहती हैं कि अगर देश के तमाम स्कूलों में पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था हो जाती तो लोग धीरू भाई अंबानी स्कूल के पीछे ही नहीं पड़े रहते। और फिर मुझे लोगों को मना भी नहीं करना पड़ता।

Source:- Jansatta 

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper