इस गांव में एक भी नहीं है मर्द,औरते मजबूरी में ऐसे होती है प्रेग्नेंट

नई दिल्ली: कांटों की फेंसिंग से घिरे केन्या के समबुरू का उमोजा गांव में मर्दों की एंट्री पर बाध्य लगा है। पिछले 27 साल से यहां सिर्फ महिलाएं अपना जीवन व्यतीत कर रही हैं। 1990 में इस गांव को 15 ऐसी महिलाओं के रहने के लिए चुना गया, जिनके साथ ब्रिटिश जवानों ने रेप कर के छोड़ दिया था। इसके बाद ये गांव पुरुषों की हिंसा का शिकार हुई महिलाओं का ठिकाना बन गया।

इस गांव में सिर्फ महिलाएं ही रहती हैं। वहां वो अपने बच्चे के साथ और अपने अलग ज़िन्दगी व्यतीत करती हैं। सीधा कहें तो यहां पर पुरुष के आने पर बैन लग गया है। इसका एक ठोस कारण है जिसके बारे में हम बताने जा रहे हैं। यहां रहने वाली महिलाएं न सिर्फ गर्भवती होती है, बल्कि बच्चों को जन्म देकर उनका पालन-पोषण भी करती हैं वो भी बिना किसी पुरुष के।

इस गांव में इस वक्त करीब 250 महिलाएं और बच्चे रह रहे हैं। गांव में महिलाएं प्राइमरी स्कूल, कल्चरल सेंटर और सामबुरू नेशनल पार्क देखने आने वाले टूरिस्ट्स के लिए कैंपेन साइट चला रही हैं। इस गांव की अपनी वेबसाइट भी है। यहां रहने वाली महिलाएं गांव के फायदे के लिए पारंपरिक ज्वैलरी भी बनाकर बेचती हैं।

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