इस मंदिर में पिछले 800 साल से बंद था यह कमरा, अब खोला दरवाज़ा तो सबके होश उड़ गए!

लखनऊ: इस दुनिया में बहुत सारे ऐसे राज़ हैं, जिनपर से पिछले कईं सालों से रिसर्च की जा रही हैं मगर कोई उनके पीछे के अनसुलझे राजों की पहेली नहीं सुलझा पा रहा. हाल ही में तिशय क्षेत्र बरासों के प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में करीब 800 साल से एक बंद कमरे को खोलने पर रहस्मयी मिली है. ऐसा बताया जा रहा है कि कमरे के नीचे एक और मंजिल है और उसमें प्राचीन मूर्तियां मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है.

आपको हम बता दें कि इन दिनों बरासो के इस मंदिर में पंच कल्याणक महोत्सव चल रहा है. इसी बीच ससंघ विराजमान आचार्य विराग सागर महाराज को पिछले कई सालों से बंद इस कमरे में कुछ खास होने का आभास हुआ जिसके बाद उस कमरे के द्वार खुलवाए गए और साफ-सफाई की प्रक्रिया शुरू करवाई जाएगी. इस प्राचीन मराठा मंदिर की यह मान्यता है कि यहां भगवान महावीर का समोशरण आया था. यह मंदिर देवों द्वारा निर्मित करवाया गया है.

इस मंदिर में एक कमरे को पिछले 800 साल से खोला नहीं गया था जिसके बाद जब कमरा खोला गया तो उसमें चमगादड़ों के झुंड बाहर निकले. इतना ही नहीं बल्कि साफ सफाई के दौरान इस कमरे से 3-4 ट्राली भरकर कचरा निकला. कमरे के बीचोबीच एक गुफा दिखाई पड़ रही है जिसके साथ ही कई वाले भी बने हुए हैं. इसके इलवा गुफा के नीचे की ओर सीढ़ियां भी बनी हुई है. फिलहाल कमरे को साफ करवाया जा रहा है ताकि गुफ़ा की सच्चाई तक जल्द से जल्द पहुंचा। जा सके. बहुत से लोगों का यह आभास है कि गुफा के अंदर भगवानों की मूर्तियां मौजूद हैं.

जहां कुछ लोग इस गुफा में मूर्तियां होने की संभावना व्यक्त कर रहे हैं वहीं मंदिर मिट्टी उपाध्यक्ष युवक और प्रभाष चंद्र जैन आचार्य के अनुसार इस गुफा में एक और दो मंजिला मेहरावदार मंदिर होना चाहिए. अभी अगले कुछ दिनों तक मंदिर की साफ सफाई का कार्य चलेगा जिसके बाद मंदिर की गुफा का राज सामने आ सकेगा. मंदिर के आचार्य के अनुसार भी मंदिर में मेहराबदार मंदिर या मूर्तियां मिलना तय है.

आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह मंदिर काफी विशाल है और इसके बारे में बहुत से राज्य से हैं जो अब तक कोई नहीं जान पाया. मंदिर के गणाचर्या विरागसागर के अनुसार पिछली बार भी जब ससंघ बरासो के इस मंदिर में आए थे तो तब भी उन्हें एक आभास हुआ था इसके बाद मंदिर में दो-तीन गुफाएं भी मिली थी. परंतु इस बार दो मंजिला मंदिर मिलने की स्थिति व्यक्त की जा रही है. फिलहाल साफ-सफाई के कार्य के नक्कासीदार कमरा सामने आया है जिसमें गुफा और सीढ़ियां नजर आ रही हैं. जिला पुरातत्व अधिकारी पांडे जी के अनुसार बरासो के इस जैन मंदिर में 90 दशक में जैन समितियों द्वारा कुछ कार्य करवाया गया था. ऐसे में 800 साल बाद इस मंदिर का कोई कमरा खुला है तो उसके अंदर निश्चित तौर से देखा जाएगा और राज पर से पर्दा उठाया जाएगा.

अब देखना यह है कि साफ़ सफाई के बाद मंदिर के इस बड़े कमरे में मौजूद गुफा में से एक और मंदिर निकलेगा या फिर भगवानों की पौराणिक मूर्तियाँ.

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