इस महिला को कालीन के नीचे मिला तहखाना, अंदर का नज़ारा देख वो रो पड़ती है …

नई दिल्ली: कारमाइन स्ट्रीट की रहने वाली किम ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उसके घर की साफ़ सफाई उसकी किस्मत की काया पलट देगी. दरअसल, पिछले बारह सालों से किम अपने दो बच्चों और पति के साथ यहाँ रह रही थी. सब कुछ अच्छा चल रहा था लेकिन तभी उनके घर में कुछ ऐसा हुआ जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी.

दरअसल, किम ने एक बार अपने घर की मुरम्मत करवानी चाही. इस दौरान उसके कमरे के कालीन के नीचे उसको कुछ अजीब चीज़ प्रतीत हुई. चाक़ू की मदद से उसने कालीन को कोनों से खुरचा और फिर वह कालीन वह से हटा दिया. उसने देखा कि दीवार से लगभग आधे मीटर की दूरी पर कालीन के नीचे एक कागज़ और धातु से बना फ्रेम पड़ा था.

किम ने अक्सर कमरे से अजीबोगरीब आवाजें महसूस की थी. लेकिन वह आवाजें उसको अनोखी खोज तक पहुंचाएंगी, इस बात को उसको कभी नहीं पता था. कालीन के नीचे एक पूरा तहखाना बना हुआ था. वह यह सोच कर हैरान थी कि आखिर उस तहखाने का रास्ता कहाँ तक जाता होगा और उस तहखाने में ऐसा क्या ख़ास था जो उसको इतने ख़ुफ़िया तरीके से छिपा रखा था.

डरते और हलकी घबराहट के साथ किम ने नीचे टोर्च की रौशनी से झाँकने का प्रयास किया. घर काफी पुराना बना हुआ था इसलिए वहां कुछ भी हो सकता था. किम के पूर्वजों का यह घर 200 साल पुराना था. तहखाने में रौशनी डालते हुए वह सीढ़ी की मदद से नीचे जाती है. वहीँ उसे जार से भरी कईं अलमारियां दिखाई देती हैं. हालाँकि जार में रखी चीज़ें अजीब थी लेकिन वह प्रिसवर्ड की तरह लग रही थी. कमरे के अंदर चारों ओर रौशनी डालने पर उसे एक तिजोरी भी हाथ लगी. इस तिजोरी में कुछ कागज़ात पड़े हुए थे जोकि घर की तरह ही सैंकड़ों साल पुराने थे. इनमे से एक फाइल को पढ़ते हुए किम के पैरों तले से ज़मीन खिसक गई.

यह फाइल 1860 की थी जोकि उसके परदादा की थी. इसमें उनका लिखा हुआ एक पत्र भी मौजूद था. पत्र में लिखा था कि, “मैं यह पूरा घर और जायदाद अपने परिवार के लिए छोड़ कर जा रहा हूँ ताकि आने वाली पीढ़ी का भविष्य उज्जवल और स्थिर रह सके. पत्र पढ़ते हुए उसके दिल की धड़कने काफी तेज़ हो जाती हैं और वह रोने लग जाती है.

अब उसके मन में ढेरों सवाल पैदा हो रहे थे कि क्या सच में उसके परदादा उसके लिए धन जायदाद छोड़ कर गए थे? वह अपनी बहन को कॉल करती है और घर बुलाती है. घर आकर जब उसकी बहन तहखाने में पहुँचती है तो वह एक लकड़ी के बॉक्स की तरफ इशारा करती है जोकि किम देखना भूल गई थी. जब दोनों बहनें उस ताबूत जैसे बॉक्स के ढक्कन को निकालती हैं तो अंदर मानव शरीर के अवशेष देख कर आश्चर्यचकित रह जाती हैं. मृत शरीर देख कर किम और बहन मिया दोनों सहम जाती हैं और तुरंत पुलिस को घर पर बुलवाती हैं. पुलिस और आर्केओलॉजिस्ट टीम उनके घर आकर छानबीन करते हैं और फिर तहखाने में मिले सारे सामान को जांच के लिए अपने साथ ले जाते हैं.

कुछ दिन बाद दोनों बहनों को एक पत्र मिलता है. इस पत्र में लिखा था कि तहखाने में जो कुछ भी मिला है, वह बेहद अनमोल हैं और उनकी कीमत करोड़ों रूपये की है. सोने के नगेट्स और बाकी सभी चीज़ें अब उन दोनों बहनों की बन चुकी थी. दोनों बहनों की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता. किमर और मिया ने कभी नहीं सोचा था कि वह रातों रात अपने परदादा की कीमती जायदाद की मालकिन बन जाएंगी.

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