उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने से अब तक 4 लोगों की मौत, मुख्यमंत्री ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग

देहरादून: गर्मी आते ही उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया है। ये आग किसी एक जगह पर नहीं लगी, बल्कि कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक इसने तांडव मचा रखा है। वन विभाग और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी अपनी जान पर खेलकर जैसे ही किसी जंगल में आग बुझा रहे, वैसे ही किसी दूसरी जगह पर आग की खबर आ जा रही है। आग के तांडव ने अब तक 4 लोगों की जान ली है, जबकि हजारों हेक्टेयर जमीन इससे प्रभावित होने की आशंका है। वहीं आग के बढ़ते मामलों पर मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है।

उत्तराखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक के मुताबिक पिछले 24 घंटों में आग की चपेट में 62 हेक्टेयर जंगल आ चुके हैं। जिस वजह से चार लोग और 7 जानवरों की जान गई। हालात को देखते हुए 12 हजार गार्ड और फायर वॉचर को मौके पर भेजा गया है। इसके अलावा अभी तक 37 लाख के नुकसान की खबर है। अगर आग नहीं बुझी तो ये आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। वहीं आग के रास्ते में आने वाले इलाकों में लोगों को नहीं जाने की हिदायत दी गई है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड में अब तक 1300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा को आग से नुकसान पहुंचा है। इसमें टॉप पर पौड़ी जिला है, जहां पर 338 हेक्टेयर जंगल चपेट में आए हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर अल्मोड़ा है। हालात को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने वायुसेना से मदद मांगी थी, जिसके बाद दो हेलीकॉप्टर्स को काम पर लगाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारी हेलीकॉप्टर के लैंडिंग और पानी भरने की जगह का रोडमैप तैयार कह रहे हैं।

वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग पर मुख्यमंत्री से बात की। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि उत्तराखंड के जंगलों में आग के सम्बंध में मैंने तीरथ सिंह रावत से जानकारी ली है। आग पर काबू पाने और जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने तुरंत एनडीआरएफ की टीमें और हेलीकॉप्टर को उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।

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