उत्तर प्रदेश के उन्नाव से मिली प्रधानमंत्री नरेंद मोदी को गरीब कल्याण रोजगार अभियान की प्रेरणा

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गरीब कल्याण रोजगार के नाम से 50 हजार करोड़ रुपये की जो योजना लांच की है उसकी प्रेरणा उनको उप्र के उन्नाव जिले से मिली। योजना के लांचिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने इसका जिक्र भी किया। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार लॉकडाउन के दौरान दूसरे प्रदेशों से आए श्रमिकों और कामगारों को उन्नाव के एक सरकारी स्कूल में क्वारंटाइन किया गया था। इन श्रमिकों में से अधिकांश हैदराबाद से लौटे थे। इनकी रंग-रोगन और प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) के काम में मास्टरी थी।

इस दौरान श्रमिकों के लिए वहां प्रशासन की ओर से भोजन और नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। काम करने वाले हुनरमंद हाथों ने सोचा बैठकर खाने से बेहतर तो कुछ करना है। मन बना तो सबने मिलकर उस स्कूल का ही कायाकल्प कर दिया जिसमें वे क्वारंटाइन थे। प्रधानमंत्री के अनुसार मीडिया के जरिए जब मुझे यह खबर मिली तो मैं अपने श्रमिक एवं कामगार भाइयों के हुनर और देश भक्ति का कायल हो गया। मुझे लगा कि ये लोग देश और समाज के लिए कुछ करने का जज्बा रखते हैं। इससे ही प्रेरित होकर मुझे गरीब कल्याण रोजगार अभियान शुरू करने की प्रेरणा मिली।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सोचिए, कितना टैलेंट इन दिनों अपने गांव लौटा है। देश के हर शहर को गति और प्रगति देने वाला यह वर्ग जब ग्रामीण इलाकों में लगेगा तो संबंधित राज्य के विकास को भी गति मिलेगी। मालूम हो कि यह योजना बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश और राजस्थान के 116 जिलों में चलेगी। यह वही राज्य हैं जिनमें लॉकडाउन के कारण सर्वाधिक श्रमिकों की घर वापसी हुई। इससे हुनरमंद लोगों को स्थानीय स्तर पर उनकी हुनर के अनुसार काम भी मिलेगा। जहां काम होगा वहां का विकास भी होगा।

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