उत्तर प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण: मुख्यमंत्री

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में कोविड 19 के संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण है। उन्होंने कहा कि समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को राहत पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा किए गए प्रबंधों के बेहतर नतीजे मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान राज्य के सभी क्षेत्रों में कार्य किया गया है। इसके फलस्वरूप प्रदेश बेहतर स्थिति में है। प्रदेश में लॉकडाउन का कड़ाई से अनुपालन कराया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लागू अनलॉक व्यवस्था के तहत प्रदान की गई छूट के दौरान पूरी सावधानी बरतना अत्यन्त आवश्यक है। संक्रमित व्यक्तियों के समुचित उपचार की व्यवस्था भी जरूरी है। प्रदेश सरकार द्वारा किए गए कार्यों का ही परिणाम है कि जनता का प्रदेश सरकार पर भरोसा और सुदृढ़ हुआ है।

उक्त जानकारी मंगलवार को अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने प्रेस कांप्रेंस के दौरान दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी स्ट्रीट वेंडरों को रोजगार देने के सम्बन्ध में एक योजना जल्द ही प्रदेश में लागू होगी। उन्होंने कहा कि लोगों को रोजगार दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का जो आर्थिक पैकेज है उसका ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने के लिए गंभीरता से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार पटरी दुकानदारों को ऋण देने के साथ-साथ डिजिटल पेमेंट करने के लिए भी प्रोत्साहित करेगी। जिससे सभी लोगों में बचत करने की एक भावना बढ़ेगी। कारपेन्टर आदि सभी श्रेणी के लोगों को ऋण दिलाने के सम्बन्ध में कार्ययोजना बनाकर इसे लागू करने के भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं।

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में संक्रमण की स्थिति कम होने की वजह से यह राज्य के लिए एक अच्छा अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने, स्ट्रीट वेंडरों को कार्य उपलब्ध कराने और MSME व बड़े उद्योगों में रोजगार सुलभ कराने के लिए वृहद कार्यक्रम तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि कृषि व संबंधित क्षेत्रों, MSME सेक्टर और बड़े उद्योगों में प्रदान किए जा सकने वाले रोजगार के संबंध में सर्वे कराया जाए। इस सर्वेक्षण में यह भी पता लगाया जाए कि लगातार 6 माह और अधिक समय तक कितने लोगों को रोजगार प्रदान किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि एक ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित किया जाए, जिसके माध्यम से यह जानकारी मिल सके कि कितने व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध हुआ और अभी और कितने लोगों को रोजगार दिया जा सकता है।

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जब तक कोविड-19 के लिए किसी प्रभावी दवा या वैक्सीन की खोज नहीं कर ली जाती, तब तक इसके संक्रमण से बचाव ही इसका उपचार है। इसके दृष्टिगत सर्विलांस सिस्टम को और सुदृढ़ बनाना आवश्यक है, जिससे मरीज को समय से इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अस्पतालों में डॉक्टर, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ नियमित राउण्ड लें। प्रदेश में सर्विलांस सिस्टम को और तेज किया जाए, ताकि डेथ रेट में और कमी आ सके। सबसे ज्यादा आबादी वाला प्रदेश होने के बाद भी उत्तर प्रदेश का डेथ रेट सबसे न्यूनतम स्तर पर है। अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि अब तक प्रदेश में 1642 ट्रेनें आ चुकी है। प्रदेश में अब तक

प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों 4365 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 6669 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। वहीं अब तक 301 संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं अभी 4482 मरीजों को आइसोलेशन वार्ड और 7736 मरीजों को फैसिलिटी क्वारंटाइन में रखा गया है। उन्होंने बताया कि कल 12,666 सैंपल की जांच की गई है। पूल टेस्टिंग के माध्यम से 965 पूल 5-5 सैम्पल के और 89 पूल 10-10 सैम्पल लगाए गए थे, जिनकी जांच की गई। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 14,28,209 कामगारों/श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, जिनमें से 1300 से अधिक लोगों में कोरोना जैसे लक्षण पाये गये हैं।

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