उत्तर प्रदेश में झमाझम बारिश तो 23 जिलों में सूखे जैसे हालात

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कई ऐसे जिले हैं, जहां लगातार खूब बारिश हो रही है। इनमें से कई जिले तो ऐसे हैं जहां बाढ़ की स्थिति है और लोग दहशत में हैं लेकिन 23 ऐसे जिले हैं जहां सूखे जैसे हालात हैं और सरकार इससे भारी चिन्ता में है। इन 23 जिलों में धान की रोपाई काफी पिछड़ गई है। स्थिति की गम्भीरता का पता इसी से चलता है कि कृषि विभाग इन सभी प्रभावित जिलों में आकस्मिक योजना (कंटीजेंट प्लान) लागू करने की तैयारी में जुट गया है।

विभागीय निदेशक की ओर से सभी प्रभावित जिलों को देर से बोई जाने वाली फसलों मसलन ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग तोरिया और मोटे अनाजों के बीजों की तत्काल व्यवस्था कर किसानों को उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में 21 जुलाई तक हुई मानसूनी बरसात के आंकड़ों पर नजर दौड़ाए तो पाएंगे कि जिस प्रकार से 23 जिलों में सूखे जैसे हालात हैं।

ठीक उसके विपरीत प्रदेश के 23 दूसरे जिलों में 120 प्रतिशत से भी अधिक झमाझम बारिश हो रही है। इनमें से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं जबकि 18 जिलों में 80 प्रतिशत से 120 प्रतिशत के बीच सामान्य बारिश हुई है। 11 जिले ऐसे हैं, जहां सामान्य से थोड़ी कम बरसात रिकार्ड की गई है। इसी प्रकार से 14 जिले ऐसे हैं जहां बहुत कम अर्थात 40 से 60 फीसदी के बीच ही बारिश हुई है जबकि 9 जिले हैं, जहां नाम मात्र अर्थात छिटपुट बारिश हुई है। इन्हीं दोनों श्रेणी के जिलों में सूखे जैसे हालात हैं।

छिटपुट वर्षा वाले जिले
अमरोहा, महोबा, बदायूं, मथुरा, बुलन्दशहर, एटा, गाजियाबाद, फर्रुखाबाद तथा गौतमबुद्धनगर।

काफी कम बरसात यानि 40-60 प्रतिशत वर्षा वाले जिले
उन्नाव, मैनपुरी, कौशाम्बी, इटावा, शामली, हापुड़, सम्भल, रामपुर, हरदोई, हाथरस, कासगंज, आगरा, कानपुर देहात तथा अलीगढ़।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
कुल 23 ऐसे जिले हैं जहां खरीफ के हिसाब से काफी कम बारिश हुई। इससे धान की रोपाई इन जिलों में प्रभावित हुई है। हम हालात पर लगातार नजर रख रहे हैं। आकस्मिक योजना के तहत इन जिलों के लिए बीजों के साथ अन्य इनपुट की व्यवस्था की जा चुकी है। – सोराज सिंह, कृषि निदेशक, उत्तर प्रदेश

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