उत्तर प्रदेश में ब्रिटेन का बढ़ता निवेश

मनीष खेमका
चेयरमैन
ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट

भारत की अर्थव्यवस्था अब ब्रिटेन से बड़ी हो चुकी है। यूनाइटेड किंगडम के डिफेंस प्रोक्योरमेंट मंत्री एलेक्स चॉक ने जब मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में यह बात कही तब वहाँ मौजूद भारतीयों के चेहरे गर्व व आत्मविश्वास से चमक रहे थे। एलेक्स फ़रवरी में लखनऊ में आयोजित पाँच दिवसीय बहुचर्चित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के ब्रिटेन सत्र में बोल रहे थे। उन्होंने यह बताकर सभी को चौंकाया कि लखनऊ आना उनके लिए घर आने जैसा है। एलेक्स ने 24 साल पहले लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र के एक स्कूल में कुछ समय के लिए शिक्षण कार्य किया था। वे वहाँ अपने पुराने साथियों से मिलने भी गए थे। इस भावपूर्ण मुलाक़ात का वीडियो उन्होने सत्र में सभी को दिखाया। उन्होने कहा पहले भारत के लोग मुझसे कहते थे परदेसी-परदेसी जाना नहीं। अब मेरा मानना है कि यूके-यूपी सबका साथ और सबका विकास। यह सुनते ही वहाँ मौजूद मुख्यमंत्री योगी समेत सभी के चेहरे खिल उठे।

ब्रिटेन की भारत और विशेष रूप से अब उत्तर प्रदेश के साथ बढ़ती नजदीकियां बिना वजह नहीं है। इस साथ से दोनों ही देशों को अपने-अपने विकास की संभावनाएं दिख रही है। उत्तर प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ब्रिटेन से एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ इसमें भाग लेने आए मंत्री एलेक्स ने मुख्यमंत्री योगी की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश के साथ रक्षा, उड्डयन व चिकित्सा क्षेत्र में निवेश की अपार कारोबारी संभावनाओं पर खुलकर बात की। एलेक्स चॉक के साथ यूके डिफेंस एंड सिक्योरिटी एक्सपोर्ट के डिप्टी डायरेक्टर फ़्रैंक क्लिफ़र्ड, यूके इंडिया बिज़नेस काउंसिल के ग्रुप सीईओ रिचर्ड मैक्कलम, इंडिया पार्टनरशिप फ़ोरम यूके के प्रेसिडेंट डॉक्टर मोहन कौल और ब्रिटिश सरकार के साउथ एशिया ट्रेड कमिश्नर एलन गेम्मेल भी मौजूद थे।जिन्होने धाराप्रवाह हिंदी में भाषण दे कर सभी को मोह लिया। उन्होने कहा उम्मीद है यूपी और यूके मिलकर एक दूसरे के लिए विकास इंजन साबित होंगे।

यूपी डिफेंस कॉरिडोर में अपार संभावनायें

अपने उत्तर प्रदेश दौरे में ब्रिटिश मंत्री एलेक्स चॉक ने उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर में अपार संभावनाओं पर मुख्यमंत्री योगी से चर्चा की। एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि ब्रिटेन इस बार भारत को एक ऐतिहासिक सौग़ात दे रहा है। वह दुनिया में पहली बार किसी देश को आधुनिक फाइटर जेट इंजन की तकनीक दे रहा है। इसके बाद भारत दुनिया के उन छह देशों में एक होगा जिनके पास यह तकनीक है। इससे भारत बिना किसी रोक टोक के अपनी शर्तों पर फाइटर जेट निर्यात कर सकेगा।

उत्तर प्रदेश में ब्रिटेन का नया निवेश

लखनऊ में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ब्रिटेन से 30 कंपनियां आयी थी। इंडिया पार्टनरशिप फ़ोरम यूके के प्रेसिडेंट डॉ मोहन कौल ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य  कार्यपालक अधिकारी अरुणवीर सिंह के साथ एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। जिसके तहत फोरम प्राधिकरण क्षेत्र में ‘इनोवेशन सेंटर विद ओसीआई’ स्थापित करेगा। जिसके लिए 4,000 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे क्षेत्र में करीब 20,000 रोजगारों का सृजन होगा। इसके साथ ही ब्रिटेन की अन्य कम्पनियों ने भी योगी सरकार के साथ 6 एमओयू के जरिए क़रीब 1646 करोड़ के निवेश पर सहमति जताई।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का इंडिया कनेक्शन

भारतीय मूल का होने के कारण ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्वाभाविक रूप से अन्य पूर्ववर्ती शासकों की अपेक्षा भारत से बेहतर तरीक़े से परिचित हैं। उत्तर प्रदेश उनके इस इंडिया कनेक्शन का लाभ उठाकर ब्रिटेन से और बेहतर संबंध क़ायम कर सकता है। इस तथ्य की पुष्टि ब्रिटिश मंत्री एलेक्स चॉक के भाषण से भी हुई। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भारत की रक्षा चुनौतियों और आवश्यकताओं के महत्व को समझते हैं। इस संबंध में वे हाल ही में लंदन में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उनके ब्रिटिश समकक्ष टिम बैरो के साथ बैठक में शामिल हुए थे। इस बैठक में भारत के साथ व्यापार प्रौद्योगिकी और रक्षा संबंधों को मज़बूत करने की योजना पर चर्चा हुई थी।

मोदी की पहल से शुरू निवेश का नया दौर

वर्ष 2021 में भारत और यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्रियों के बीच में आगामी दस वर्षों के संबंधों को लेकर एक नए रोडमैप की शुरुआत हुई थी। इस समझौते के कारण भी ब्रिटेन उत्तर प्रदेश का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साझेदार बनने को इच्छुक है। ब्रिटेन के उच्चाधिकारियों और राजनयिकों की उत्तर प्रदेश में आवाजाही पिछले कुछ समय से काफ़ी बढ़ी है। उनकी यह सक्रियता इस बात का प्रमाण है कि वे उत्तर प्रदेश से अपने संबंधों को लेकर वाक़ई उत्साहित हैं और इसे सुखद नतीजों में तब्दील करना चाहते हैं। मार्च 2022 में ब्रिटेन के उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी से मुलाक़ात की और ब्रिटेन के साथ व्यापार को और बढ़ाने का औपचारिक अनुरोध किया था।

प्रवासी भारतीयों के साथ योगी सरकार का संवाद

योगी सरकार के पहले कार्यकाल में भी ब्रिटेन के साथ उत्तर प्रदेश का सक्रिय संवाद क़ायम था। तत्कालीन औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने यूपी डिफेंस कॉरिडोर में कारोबार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लंदन का दौरा किया था। उन्होने रक्षा क्षेत्र की बड़ी ब्रिटिश कंपनियों के साथ निवेश के अनेक प्रस्तावों पर चर्चा की। साथ ही लंदन में रह रहे, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के अनिवासी भारतीयों के साथ भी सक्रिय संवाद क़ायम कर उन्हें प्रदेश में निवेश हेतु आमंत्रित किया। उत्तर प्रदेश में स्थापित भारत की ग़ैर सरकारी संस्था ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट ने इस संबंध में उल्लेखनीय योगदान दिया था। जिसने अनेक कार्यक्रमों का आयोजन कर लंदन में उत्तर प्रदेश के प्रवासियों के साथ योगी सरकार के संबंधों को नई ऊर्जा दी। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का निमंत्रण लेकर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना व अपर मुख्य सचिव औद्योगिक विकास अरविंद कुमार पिछले दिनों जब लंदन पहुँचे तब भी ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट के पदाधिकारी उनका स्वागत करने के लिए हीथ्रो एयरपोर्ट पर मौजूद थे। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मुख्यमंत्री योगी ने ब्रिटेन के प्रतिनिधिमंडल से स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार उन्हें हर संभव सहयोग देने व उनके निवेश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यूपी में पहले से भी मौजूद हैं ब्रिटिश कंपनियां

उत्तर प्रदेश में पहले ही अनेक ब्रिटिश कंपनियां निवेश कर अपने उद्योग स्थापित कर चुकी है। इसमें सुप्रसिद्ध रिवॉल्वर निर्माता वेब्ले एंड स्कॉट का नाम उल्लेखनीय हैं जिसकी फ़ैक्ट्री हरदोई में लग चुकी है। कम्पनी जल्द ही अपना एक और कारख़ाना स्थापित करने की योजना बना रही है। ब्रिटेन की ट्रिनिटी नैचुरल गैस, हिन्दुस्तान यूनीलिवर, एसोसिएटेड ब्रिटिश फूड्स ने भी यूपी में निवेश किया है। ब्रिटिश फर्म एबी मौरी 2021 में पीलीभीत में ईस्ट (खमीर) बनाने के लिए ₹1100 करोड़ की मेगा परियोजना पर काम शुरू कर चुकी है। इससे क़रीब 5000 लोगों को रोज़गार मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) इसके लिए कंपनी को 257 एकड़ भूमि आवंटित की है।

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