उत्तर प्रदेश में रुठ चुका मानसून अब किसानों के लिये दर्द बनता जा रहा है

लखनऊ: प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश ना होने और चटख धूप निकलने से उमस भरी गर्मी पड़ रही है। राजधानी में आद्र्रता का सामान्य स्तर 63 से 97 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में गुरुवार रात हल्की बारिश हुई, मगर दिन में धूप के कारण लोग उमस से परेशान रहे। मौसम के जानकारों के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान राजधानी और राज्य के पूर्वी हिस्सों के अनेक इलाकों में और पश्चिमी भागों में बारिश होने का अनुमान है।

कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। आंचलिक मौसम केन्द्र के निदेशक जे.पी. गुप्ता के मुताबिक अगले तीन-चार दिन के दौरान मानसून के फिर जोर पकड़ने का अनुमान है और इस अवधि में राज्य के विभिन्न स्थानों पर बारिश होगी।राजधानी में शनिवार देर रात करीब 12.30 बजे तेज बारिश शुरु हुई। इस पूर्व शुक्रवार को तड़के कहीं-कहीं बारिश हुई। सुबह के समय बदली की वजह से मौसम सुहाना रहा, लेकिन सूरज के चढ़ने के बाद जैसे-जैसे धूप निकली, उमस और गर्मी बढ़ती गयी। दोपहर 12 बजे के करीब अधिकतम पारा 36.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया जो सामान्य से 3 डिग्री ऊपर था। राजधानी में दोपहर बाद से बादलों की आवाजाही लगी रही। इस दौरान कभी बदली तो कभी तेज धूप निकली। राजधानी में बीती रात को मौसम सामान्य रहा।

उत्तर प्रदेश में रुठ चुका मानसून अब किसानों के लिये दर्द बनता जा रहा है। बारिश नहीं होने से धान तथा अन्य खरीफ फसलों की बुआई में हो रही देर के कारण काश्तकारों की पेशानी पर बल पड़ गये हैं।मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में एक जून से 17 जुलाई तक औसतन 249 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिये थी लेकिन इस बीच केवल 121 मिलीमीटर वर्षा ही हुई है जो सामान्य बारिश का 50 प्रतिशत भी नहीं है। राज्य के कुछ जिलों में तो ठीक-ठाक वर्षा हुई है लेकिन ज्यादातर जिलों में सूखे की स्थिति है।

प्रदेश में इतनी कम बारिश होने के कारण के बारे में उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला विक्षोभ दरअसल उत्तर प्रदेश से न गुजरकर मध्य भारत से गुजर जा रहा है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में अभी तक अच्छी बारिश नहीं हो सकी है। बहरहाल, वष्ा नहीं होने की वजह से खरीफ की फसलों पर सबसे बुरा असर पड़ रहा है। मुख्य फसल धान की रोपाई के लिये किसानों को बारिश का इंतजार है, यही वजह है कि खेत अभी तक सूने पड़े हैं।

सूबे में करीब 94 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की फसलों की बुआई होनी थी लेकिन वर्षा नहीं होने के कारण अभी तक केवल 35 लाख हेक्टेयर में ही बुआई हो सकी है। इस बीच, मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर वष्ा हुई। इस अवधि में बांदा में 12 मिमी, रामसनेही घाट में आठ मिमी, सुलतानपुर, मथुरा तथा इगलास में सात-सात, सीतापुर में छह मिमी वर्षा दर्ज की गयी।

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