उत्तर भारत में बदलेगी बादलों की चाल, बारिश से इन राज्यों को सूखे से राहत के आसार

नई दिल्ली: उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियों में इजाफा होने जा रहा है। इस बात की जानकारी भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को दी है। विभाग ने बताया है कि मानसून मंगलवार यानि 26 जुलाई से उत्तर का रुख कर सकता है। इसके चलते मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में बारिश के आसार हैं। खास बात है कि एक ओर जहां देश के कुछ राज्यों में सामान्य से अधिक वर्षा हो चुकी है। वहीं, कुछ क्षेत्र सूखे का सामना कर रहे हैं।

IMD के अनुसार, तीन दिनों के दौरान गुजरात, कोंकण, विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तटीय कर्नाटक और तेलंगाना में मध्यम बारिश के आसार हैं। वहीं, इस दौरान ओडिशा, झारखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी और करईकल में छिटपुट बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग ने बताया है कि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मंगलवार को भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिमी और पूर्वी राजस्थान में भी भारी बारिश की संभावनाएं बनी हुई हैं। साथ ही उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 29 जुलाई तक सामान्य या मध्यम बारिश हो सकती है।

देश में अब तक कुल मानसूनी बारिश सामान्य से 11 फीसदी ज्यादा हो चुकी है, लेकिन उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड समेत सात राज्य सूखे की ओर अग्रसर हैं। इन राज्यों में जरूरत से काफी कम बारिश हुई है। बारिश की कमी के कारण राज्यों में खेती कार्य खासकर धान की रोपाई प्रभावित हो रही है।

पहली जून से 25 जुलाई के बीच देश में कुल 431.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। यह सामान्य से 11 फीसदी ज्यादा है, क्योंकि सामान्य बारिश 389.7 मिमी होनी चाहिए। सूखे की चपेट में जो अन्य राज्य हैं, उनमें मणिपुर में 38, त्रिपुरा में 31, पश्चिम बंगाल में 26 तथा केरल में 22 फीसदी कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, 14 राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है। जबकि 15 राज्यों में सामान्य बारिश हुई और सात राज्य ऐसे जहां सूखे की आशंका है।

 

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