उन्नाव सामूहिक दुष्कर्म पर घिरी योगी सरकार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप और फर्जी मुकदमे में जेल भेजे गए पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत से योगी सरकार बुरी तरह घिर गई है। एडीजी ने उन्नाव के एसओ और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। पीड़िता रविवार को मुख्यमंत्री आवास के सामने अपनी मां, चाची, दादी, चार बहनों व एक मासूम भाई के साथ पहुंची थी। इन लोगों ने खुद पर मिट्टीतेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया था।

युवती ने आरोप लगाया है कि विधायक और उनके भाई अतुल सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अब उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। विधायक के गुर्गे आए दिन उसके और परिवार के लोगों के साथ मारपीट किया करते हैं। पुलिस में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने पर वह परिवार संग आत्मदाह के लिए मजबूर हुई। सकते में आई पुलिस युवती सहित पूरे परिवार को गौतमपल्ली थाने ले गई। पीड़ित परिवार वहां धरने पर बैठा रहा। बाद में पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें चलता किया।

इससे पहले कि विधायक पर लगे गंभीर आरोप पर सरकार कोई कार्रवाई करती, सोमवार को युवती के पिता की जेल मौत हो गई। युवती के बयान के मुताबिक, अदालत में चल रहा एक मुकदमा वापस लेने से इनकार करने पर पांच दिन पहले विधायक के भाई और उनके गुर्गो ने उसके पिता को पेड़ से बांधकर बुरी तरह पीटा था और घसीटते हुए ले गए थे। बाद में पता चला कि पुलिस से मिलीभगत के कारण फर्जी मामला दर्ज करवाकर उसके पिता को उन्नाव जिला जेल भिजवा दिया गया। सोमवार को खबर आई कि उसके पिता ने जेल में दम तोड़ दिया है। पीड़िता के पिता की मौत के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया।

एडीजी राजीव कृष्णा ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्नाव के एसओ अशोक सिंह और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया। इन पर पीड़ित पक्ष की दी हुई तहरीर बदलने और एफआईआर दर्ज न करने का आरोप है। साथ ही पीड़िता के पिता के साथ मारपीट के चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, विधायक का भाई हालांकि फरार है। हालात का जायजा लेने के लिए लखनऊ से एएसपी क्राइम टीम के साथ उन्नाव पहुंच गई है।

प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद सिंह ने नोटिस जारी करते हुए उन्नाव जेल के डीजी और जिला प्रशासन से पूरे मामले की तत्काल रिपोर्ट तलब की है। वहीं, युवती की शिकायत पर एडीजी ने मामले की जांच के सीओ (कैंट) तनु उपाध्याय को सौंप दी है। उधर, विधायक सेंगर ने खुद पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि आरोप तो भगवान राम पर भी लगा था। लड़की के लगाए आरोप निराधार हैं, मामले की स्पष्ट जांच करते हुए दोषी के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। विधायक ने कहा कि आरोप लगाने वाली युवती के भाई हिस्ट्रीशीटर हैं। माखी थाने में यवती के भाइयों पर कई मुकदमें दर्ज हैं। एक भाई पर 26 मुकदमें और दूसरे पर 16 मुकदमें हैं।

विधायक ने कहा कि जिन लोगों पर इस युवती ने आरोप लगाए थे, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पीड़िता का बयान संबंधित न्यायालय में दर्ज किया गया था। उप्र के पुलिस महानिदेशक ओमप्रकाश सिंह ने पूरे मामले को लेकर कहा कि इस घटना की जांच के लिए पुलिस टीम का गठन कर दिया गया है। पुलिस टीम उन्नाव पहुंच चुकी है। पुलिस की जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उसे बक्शा नहीं जाएगा। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही नामजद अभियुक्तिों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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