उपराष्ट्रपति ने कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत की

रांची: उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने आज रांची में मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना की शुरुआत की। इस अवसर पर लगभग 15 लाख किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से पहली किस्त जारी की गई। रांची के हरमू मैदान में आयोजित कार्यक्रम की शुरूआत उपराष्ट्रपति ने किसान सारथी रथों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये रथ राज्य के सभी चैबीस जिलों के लिए रवाना किये गये। इन रथों के माध्यम से किसानों को कृषि योजनाओं और आधुनिक खेती की तकनीक के बारे में जानकारी दी जायेगी। समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई कदम उठाये गये है।

राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि कृषि और किसानों के विकास के लिए सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों से किसानों परिचित कराने के लिए, चलते फिरते सूचना केन्द्र किसान सारथी का उद्घाटन कर हर्ष हो रहा है। किसान सारथी गांव-गांव जा कर किसानों में जागृति का प्रसार करेगा और उनके सशक्तीकरण का कारक बनेगा। किसानों की आमदनी बढ़ाने के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कृषि आर्शीवाद योजना का आज शुभारंभ किया जा रहा है। इस योजना में राज्य के सभी लघु एवं सीमांत किसान जिनके पास अधिकतम पांच एकड़ तक कृषि योग्य जमीन होगी उन्हें पांच हजार रुपए प्रति एकड़ प्रति वर्ष की दर से सहायता अनुदान दिया जायेगा। भारत सरकार द्वारा किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने का संकल्प लिया गया है। इसी क्रम में सरकार 23 अनाजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को लगातार बढ़ा रही है। हमारे वनवासी भाइयों के लिये वन उत्पादों पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जा रहा है। देश के किसान भाइयों के लाभ के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के शुभारंभ के अवसर पर, सावन के इस पवित्र माह में वैद्यनाथ धाम की इस पवित्र भूमि पर, आप सभी के बीच शामिल होकर अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव कर रहा हूं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लक्ष्य झारखण्ड के अन्नदाता किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। आज से राज्य के 35 लाख किसानों के खाते में 3 हजार करोड़ रुपए भेजे जाएंगे। अब उन्हें फसल से पहले खाद और बीज जैसी जरुरतों के लिए कर्ज लेने की जरुरत नहीं। कृषि आशीर्वाद योजना के तहत लघु एवं सीमान्त किसान जिनके पास एक एकड़ तक जमीन है उन्हें 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष और जिन किसानों के पास 5 एकड़ जमीन है उन्हें 25 हजार रुपए प्रतिवर्ष दिए जाएंगे। किसानों को इस योजना के तहत दो किस्त में सहायता राशि मिलेगी। दिसंबर तक 35 लाख किसानों को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना से जोड़ा जाएगा। आज प्रथम चरण में में 13 लाख 7 हजार किसानों के बीच 4042 करोड़ की पहली किस्त भेजी जा रही है। सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। उन्होंने बताया कि झारखण्ड के 35 लाख किसानों को 3 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे। हमारे अन्नदाता किसान आत्मनिर्भर बनें, उनकी आय दोगुनी हो…यही हमारा लक्ष्य है।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना से राज्य के 35 लाख किसानों के बीच तीन हजार करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके तहत किसानों को प्रति एकड़ पांच हजार रुपये प्रति वर्ष दिये जाने का प्रावधान है और अधिकतम पच्चीस हजार रुपये तक की राषि दी जा सकेगी। इससे पहले उपराष्ट्रपति के रांची आगमन पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री रघुवर दास ने हवाईअड्डे पर उनका स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास, कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह और कृषि सचिव पूजा सिंघल सहित अन्य नेता व अधिकारी मौजूद रहे। उपराष्ट्रपति ने झंडा दिखाकर कृषि सारथी रथ को रवाना किया। योजना के तहत पूरे राज्य में 35 लाख किसानों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के तहत राज्य के 35 लाख किसानों को योजना के तहत 3 हजार करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य निर्धारित है। कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में 15 लाख किसान लाभान्वित होंगे। इस योजना से किसान बीज, उर्वरक, कीटनाशक समेत अन्य जरूरी संसाधन कृषि कार्य कर सकेंगे। मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना के शुभारंभ के साथ किसान सारथी रथ को उपराष्ट्रपति ने रवाना किया। किसान सारथी रथ के माध्यम से किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं, किसानों को मिलने वाले लाभ एवं तकनीकी जानकारी से अवगत कराया जाएगा। यह रथ राज्य के सभी जिलों में एक माह तक चलेगा।

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