उप्र : बर्बाद फसल का मुआवजा न मिलने पर आंदोल की चेतावनी

बांदा: बुंदेलखंड किसान यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष विमल शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि नरैनी और अतर्रा क्षेत्र में गुरुवार को नहर पटरी टूटने से किसानों की करीब 200 बीघे की फसल बर्बाद हो गई है, और यदि मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।

विमल शर्मा ने बताया, “केन नहर में बिना सूचना दिए और छोटे नहरों की पटरियां दुरुस्त कराए पानी छोड़े जाने से नरैनी के दरगाही पुरवा, अंगद पुरवा और अतर्रा क्षेत्र के फौजदार का पुरवा, गोखिया, तिंदही, रहूसत, नगनेधी आदि दर्जन भर गांवों के किसानों की करीब 200 बीघे खेतों में कटी पड़ी धान की फसल और बोई गई गेंहू की फसल डूबकर बर्बाद हो गई है।”

उन्होंने बताया, “नियमत: सूचना प्रसारित कर और टूटी पटरियां दुरुस्त करने के बाद नहर में पानी छोड़ा जाना चाहिए, इससे किसानों को नुकसान न होता।” शर्मा ने कहा कि “अगर सिंचाई विभाग ने नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा नहीं दिया तो किसान आंदोलन करेंगे।” केन नहर प्रखंड (बांदा) के अधिशासी अभियंता अरविंद पांडेय का कहना है कि “किसानों की मांग पर गुरुवार को नहर में पानी छोड़ा गया है, ताकि रबी की फसल की सिंचाई हो सके। हो सकता है कहीं नहर पटरी टूटी रही हो और पानी खेतों में भर गया हो।”

उन्होंने कहा कि फिलहाल किसानों ने फसल डूबने की शिकायत नहीं की है, फिर भी सहायक और अवर अभियंताओं को भेजकर जांच कराई जाएगी।

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