उप्र. में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य तबके को दस फीसदी आरक्षण लागू

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य तबके को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दस फीसदी आरक्षण देने का शुक्रवार को निर्णय ले लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोक भवन में संपन्न हुई कैबिनेट की बैठक में 14 महत्वपूर्ण फ़ैसले किए गए।

राज्य सरकार के प्रवक्ता और विद्युत मंत्री श्री कान्त शर्मा ने बताया कि आरक्षण की यह व्यवस्था 14 जनवरी से लागू होगी। इस सम्बन्ध में संसद से पारित प्रस्ताव को राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद 12 जनवरी को केन्द्र सरकार ने अधिसूचना जारी की थी। इससे पहले यह व्यवस्था गुजरात सरकार ने लागू कर दी है। उत्तर प्रदेश में इसका लाभ करीब डेढ़ करोड़ आबादी को मिलेगा। सवर्णों के लिए आरक्षण लागू करने वाला उत्तर प्रदेश चौथा राज्य बन गया है।समाज कल्याण विभाग ने सरकारी नौकरियों व सभी तरह की शिक्षण संस्थाओं (अल्पसंख्यक छोड़कर) में प्रवेश में गरीबों को आरक्षण देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है।

मुगलसराय तहसील का नाम अब पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर

राज्य सरकार के प्रवक्ता और विद्युत मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सरकार ने मुगलसराय तहसील का नाम बदल दिया है। इससे पहले मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम पं. दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर कर दिया गया था। भारतीय जनता पार्टी के आदर्श श्री उपाध्याय मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर ग्यारह फरवरी उन्नीस सौ अडसठ को मृत पाये गये थे।

शर्मा ने बताया कि मंत्रिमंडल ने सेतु निगम के कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन देने का फैसला किया है। इस निर्णय को एक जनवरी 2016 से लागू किया जायेगा।इससे निगम के 3049 कर्मचारी और अधिकारी लाभान्वित होंगे। सहारनपुर-मुज्जफरनगर सड़क के निर्माण को भी मंजूरी दे दी गयी।

उन्होंने बताया कि फ़ेल हो चुके 1101 नलकूपों को फिर से रीबोर करेंगे जबकि 2000 नये नलकूप लगेंगे। नलकूपों को रिबोर कराने के लिये 28325.34 लाख रुपये के बजटीय प्रावधान को मंजूरी दी गयी है।

यूपी सरकार शिल्पियों को आर्थिक मदद देगी

शर्मा ने बताया कि इसके अलावा एक जिला एक उत्पाद योजना में मार्केटिंग और ढुलाई के लिए मिलेगी सहायता। एक जनपद एक उत्पाद के तहत सरकार प्रोडक्ट प्रमोशन करेगी। देश-विदेश में विपणन प्रोत्साहन करने के लिए यूपी सरकार शिल्पियों को आर्थिक मदद देगी। राज्य में लगने वाले मेला प्रदर्शनियों में स्टाल चार्ज का 75 प्रतिशत अधिकतम 50 हजार तक की मदद सरकार देगी। राज्य के बाहर के मेले प्रदर्शनियों ढुलाई का भाड़ा अधिकतम 7500 तक मिलेगा। शिल्पियों को ऐसी थ्री या बस का किराया भी यूपी सरकार देगी। देश के बाहर मेले प्रदर्शनी में भागीदारी करने पर ढुलाई पर 15 हजार और हवाई जहाज किराए का 75 प्रतिशत तक मदद यूपी सरकार करेगी।

शर्मा ने बताया कि आबकारी विभाग में अतिरिक्त आमदनी पर लगे कर से क़रीब 165 करोड़ रुपए निराश्रित गोवंश के मद में होगा उपभोग। आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित से अतिरिक्त राजस्व गौवंश के अस्थायी आवास के लिए, यह 2 प्रतिशत सेस से अतिरिक्त है। यह राजस्व प्रति बोतल विदेशी मदिरा, वियर की बोतल की भराई पर कर लगाकर प्रति बोतल प्राप्त किया जाएगा।

शर्मा ने बताया कि मंत्रियों को एक करोड़ रूपये तक की परियोजना संस्तुति करने के लिए कैबिनेट के अनुमोदन की ज़रूरत नहीं होगी।

शर्मा ने बताया कि नियमित और संविदा पायलटों को 5000 प्रति उड़ान भत्ता, टाइप 4 सरकारी मकान व अन्य सुविधाये भी सरकार देगी।

शर्मा ने बताया कि केन्द्र के सहयोग से स्वसाशी राज्य चिकित्सा विश्वविद्यालय से सम्बद्ध कई जिलों के जिला अस्पतालों या रेफरल अस्पतालों की संपत्ति को चिकित्सा से चिकत्सा शिक्षा विभाग को दिया गया।

शर्मा ने बताया कि निचलौल की सिंचाई विभाग की जमीन एसएसबी गोरखपुर को मिली और सहारनपुर- मुजफरनगर बाईपास को मंजूरी मिली।

इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने चित्रकूट में लगने वाले रामायण मेला का प्रांतीयकरण करने का निर्णय लिया है। प्रांतीयकरण होेने के बाद अब मेले का पूरा खर्च राज्य सरकार उठायेगी और मेला कमेटी के अध्यक्ष जिलाअधिकारी होंगे।

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