उप्र में 15 जुलाई से प्लास्टिक पूरी तरह से प्रतिबंधित

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 15 जुलाई से प्लास्टिक के प्रयोग को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। शासन की तरफ से इस संबंध में शुक्रवार को आदेश भी जारी कर दिया गया। योगी कैबिनेट ने इस संबंध में पहले ही एक नीति निर्धारित की थी। उसके अनुसार नियम के उल्लंघन पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय की अध्यक्षता में पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ शुक्रवार को एक बैठक हुई। इस बैठक फैसला लिया गया कि प्रदेश में पॉलीथीन का प्रयोग 15 जुलाई से प्रतिबंधित रहेगा। इससे पहले, महाराष्ट्र सरकार ने जून माह में प्रदेश में सभी प्रकार की प्लास्टिक के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। महाराष्ट्र सरकार ने प्रतिबंध के बावजूद प्लास्टिक के इस्तेमाल पर भारी जुर्माने का भी प्रावधान किया है। वहां पहली बार पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये, दूसरी बार 10 हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना और तीन महीने की जेल लगाया गया है।
हालांकि उत्तर प्रदेश में जुर्माने को लेकर अभी स्पष्ट नहीं हो सका है लेकिन माना जा रहा है कि यहां भी नियम तोडऩे पर 50 हजार रुपये तक का जुमार्ना लग सकता है।

दरअसल योगी कैबिनेट ने पिछले दिनों सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पॉलिसी को मंजूरी दी थी। इस नीति के तहत 50 माइक्रॉन से पतली पॉलिथिन के इस्तेमाल को प्रतिबंधित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पॉलिथिन के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करने की बात कही थी। उस समय उन्होंने सभी शहरी निकायों से इसकी कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा था।

योगी ने आज भी ट्वीट कर कहा है, ‘हमने 15 जुलाई से पूरे प्रदेश में प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने का फैसला लिया है। मैं आह्वान करता हूं कि 15 जुलाई के बाद प्लास्टिक के कप, ग्लास और पॉलिथीन का इस्तेमाल किसी भी स्तर पर न हो। इसमें आप सभी की सहभागिता जरूरी होगी।

 

 

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