एक्सप्रेस-वे के पहले से शिलान्यास की बात जनभावना से खिलवाड़: योगी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां ग्राम मन्दुरी में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास बटन दबाकर किया। शिलान्यास के बाद पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर बनी एक संक्षिप्त फिल्म दिखाई गयी। इस मौके पर राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना, चन्दौली के सांसद डॉ. महेन्द्र नाथ पाण्डेय, सांसद नीलम सोनकर और विधायक अरूण कुमार यादव आदि उपस्थित रहे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पद संभालते ही पूर्वांचल और पूर्वी भारत के विकास के लिए जो रूपरेखा तैयार की उसी शृंखला में गोरखपुर में एम्स और फर्टिलाइजर कारखाने का शुभारंभ करके उस कार्य को आगे बढ़ाया गया।

योगी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने काशी को अपने संसदीय क्षेत्र के रूप में चुनकर उन्होंने उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया और काशी को एक नई दिशा देने का काम किया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल की लाइफ लाइन बनेगा। इस एक्सप्रेस वे के जरिए हम उन जिलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं, जो लम्बे समय से विकास से अछूते थे। यह भाजपा के संकल्प पत्र के अनुरूप है। आज पलायन को रोकने का काम किया जा रहा है। यूपी इन्वेस्टर्स समिट या फिर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के शिलान्यास कार्यक्रम ये उत्तर प्रदेश की तरक्की की माध्यम है।

मुख्यमंत्री विरोधी दलों पर हमलावर होते हुए कहा कि यही उत्तर प्रदेश है, जिसने गुण्डाराज, भ्रष्टाचार, अराजकता और दंगों की मार झेली। यहां समाजवाद के नाम पर इन्हें बढ़ावा देने वाले लोग जब विकास की बात करते हैं तो आश्चर्य होता है। सपा मुखिया अलिखेश यादव द्वारा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास पहले ही होने पर पलटवार करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह जनभावना से खिलवाड़ की बात है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे समाजवादी या कांग्रेस पार्टी का नहीं होता, जनता का होता है। पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने काह कि जब इस एक्सप्रेस वे के लिए 20 प्रतिशत जमीन का भी अधिग्रहण नहीं हुआ था, तब इसके लिए बिड डाल दी गई। यहां तक की पर्यावरण, वन विभाग की एनओसी भी नहीं ली गई और 14299 करोड़ रुपये की बिड डाली गई।

इसके दो वर्ष बात आज जब हमारी सरकार इसे बनाने जा रही है तो 11836 करोड़ रुपये में इस पूरे एक्सप्रेस वे को बनाया जायेगा। इस तरह समझा जा सकता है कि 1500 करोड़ से अधिक बचे हुए रुपये कहां जाते। यह बचत जनता के पैसे की हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने प्रदेश को नोचा और लूटा है। जातिवाद के नाम पर प्रदेश को कई वर्षों पीछे धकेलने का काम किया और आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बन रहा है। शासन कैसे चलने चाहिए ये मानक बना है। चार साल में किसी भी केन्द्रीय मंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वाचल एक्सप्रेस वे को हम लखनऊ से बाराबंकी और वहां से उस अमेठी को भी जोड़ने जा रहे हैं, जिसे चार दशकों तक विकास से वंचित रखा गया। इसके साथ ही इसे हम अयोध्या, गोरखपुर और प्रयागराज के साथ भी जोड़ने का काम करेंगे।

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