एक और अस्पताल की करतूत हुई उजागर, इलाज के नाम पर 82 लाख का बिल, मरीज वेंटिलेटर पर

नई दिल्ली: दिल्ली के पारस अस्पताल डॉक्टरों पर गलत ऑपरेशन व इलाज करने का आरोप लगा है। जिला हिसार के जंगबीर पहल ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में कहा कि उनका 24 वर्षीय भांजा सुनील कुमार पारस अस्पताल में पिछले 6 माह से दाखिल है और डॉक्टरों के गलत इलाज करने के कारण सुनील वेंटिलेंटर पर पहुंच गया है। अस्पताल वाले 82 लाख रुपये से ज्यादा का बिल बना चुके हैं और ठीक होने के बजाय मरीज की हालात दिन प्रति दिन बिगड़ती जा रही है।

जंगबीर ने कहा कि सुनील बीते जून माह में नहर में नहाते समय चोटिल हो गया था। हादसे में गर्दन व सिर में गंभीर चोट आई थी। चोटिल होने के बाद सुनील का हिसार के एक अस्पताल में गर्दन का ऑपरेशन किया था। बाद में हिसार के डॉक्टरों ने कहा कि गर्दन की चोट का ऑपरेशन किया और अब सुनील को न्यूरो सर्जन को दिखाने की जरूरत है क्योंकि सुनील के सिर में भी चोट लगी है।

इसके बाद 16 जून 2017 को गुरुग्राम के पारस अस्पताल में लाया था और हमने न्यूरो सर्जन से दिखाने की मांग की। पारस के डॉक्टरों ने कहा कि सुनील का इलाज न्यूरो सर्जन नहीं, बल्कि नेक-स्पाइन सर्जन देखेंगे। डॉक्टरों ने हमारे मना करने के बाद भी गर्दन का ऑपरेशन कर रॉड डाल दी, जबकि हमने बताया था कि गर्दन का ऑपरेशन हो चुका है और अब ऑपरेशन करने की जरूरत नहीं लेकिन डॉक्टरों जबरन ऑपरेशन किया।

ऑपरेशन करने के दो माह बाद जब सुनील की तबियत ज्यादा खराब होती दिखी, तो डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन गलत हो गया और गर्दन में डाली गई रॉड को निकाल दिया। जंगबीर का आरोप है कि डॉक्टरों ने सुनील के बिल में वो दवा व इंजेक्शन शामिल किए हैं, जो सुनील को लगाए ही नहीं गए। ऐसा कई बार पकड़ा गया, तो बाद में सुधार किया गया। अब 82 लाख से ज्यादा का बिल बना हुआ है और सुनील की हालात बेहद नाजुक बनी हुई है।

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