एक और इतिहास रचने की तैयारी, अब हर पल भारत की नजर में होगा दुश्मन

नई दिल्‍ली: स्‍पेस मिसाइल का इस्तेमाल कर एक लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) उपग्रह को मार गिराने के सफल परीक्षण के बाद अब भारत की नजरें एक ऐसे उपग्रह तैयार करने पर है जिसकी मदद से दुश्मन के रडार का पता लगाया जा सकता है। भारत पोलर सैटेलाइट लॉन्‍च व्‍हीकल (पीएसएलवी) के मिशन के जरिए एक ऐसे निगरानी उपग्रह को लॉन्‍च करना चाहता है जिसमें कई बातें पहली बार होंगी। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के इतिहास में एसा पहली बार हो रहा है जब वह आम लोगों को अपना रॉकेट लॉन्‍च देखने के लिए आमंत्रित कर रहा है।

इसरो एक अन्य पहल शुरु करने का प्रयास करेगा, जहां तीन कक्षाओं में उपग्रह को प्रक्षेपित किया जाएगा। इसरो के चैयरमेन के सिवन ने बताया कि यह एक आशावादी लॉन्च होगा, जिसकी लागत कम होगी, यह उपग्रह 3 In 1 होगा। चैयरमेन सिवन ने कहा कि PSLV का प्रक्षेपण 1 अप्रैल को किया जाएगा औऱ यह एक नहीं बल्कि 29 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में ले जाएगा।

सिवन कहते हैं, ‘फिलहाल हम जिस मिशन को लक्ष्‍य कर रहे हैं वह है PSLV C-45। ये मिशन इसलिए महत्वपूर्ण होगा। क्योंकि पहली बार PSLV एक ही उड़ान में तीन ऑर्बेट मिशन का काम करेगा। सिवन ने कहा, ‘इस बार यह ऑर्बिटल प्‍लैटफॉर्म पूरी तरह बैटरियों की जगह सोलर सेल्‍स से चालित होगा।

मिली जानकारी के अनुसार यह सैटेलाइट दुश्‍मनों के इलाके में अंदर तक स्थित राडर स्‍टेशनों की निगरानी करेगा और उनकी लोकेशन भी बताएगा। आपको बता दें कि यह पहली बार होगा जब इस सैटेलाइट की मदद से अंतरिक्ष से ही दुश्‍मन के रडारों का पता लगाने में मदद मिलेगी।

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