एक और चक्रवाती तूफान के साये में ओडिशा, भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है. भारतीय मौसम विभाग के बताया कि बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य क्षेत्र पर चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव के चलते दबाव वाले क्षेत्र में चक्रवाती तूफान ‘गति’ उत्पन्न हो सकता है. हालांकि, मौसम विभाग ने इस बात की भी जानकारी दी है कि अगर बंगाल की खाड़ी से चक्रवाती तूफान उठेगा भी तो इसकी क्षमता हाल में आए चक्रवाती तूफान अम्फान के मुकाबले काफी कम होगी और इससे जानमाल के नुकसान की संभावना भी कम है.

दरअसल, बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है. यह चक्रवाती विक्षोभ के पहला चरण में म्यांमार के तट के पास कहीं बनेगा. निम्न दबाव होने के कारण इस तूफान के विकराल रूप धारण करने की संभावना ना के बराबर है. हालांकि, इसके प्रभाव से ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. इसके अलावा तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं.

बंगाल की खाड़ी में बन रहे दबाव के क्षेत्र के कारण तटीए इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने ओडिशा में अगले दो दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के पूर्वी मध्य क्षेत्र पर कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है. इसके कारण ओडिशा में अगले 3 दिन में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है. इसके मद्देजनर मौसम केन्द्र ने कई जिलों के लिए सोमवार से 10 जून तक येलो वार्निंग और कई अन्य जिलों में 11 जून तक ऑरेंज अललर्ट जारी किया है.

पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मंगलवार तक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना के साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम तथा पूर्वोत्तर के राज्यों के कुछ हिस्सों में मानसून 11-12 जून तक आगे बढ़ सकता है.बता दें कि कोलकाता और दक्षिण बंगाल के अनेक जिलों में रविवार दोपहर बाद मध्यम स्तर की बारिश हुई जिससे तेज गर्मी से राहत मिली. क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर तापमान 37 से 40 डिग्री सेल्सियस तक बना हुआ था. बारिश के कारण शहर के कुछ हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई.

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