एक बार फिर दिल्ली में बढ़ने लगे कोरोना मामले, लगातार सामने आ रहे पॉजिटिव केस

नई दिल्ली: दिल्ली में कोविड-19 के मामले एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं। पिछले सात दिनों में, सोमवार को छोड़कर, रोजाना 1,000 से अधिक नए मामले सामने आए। जबकि सोमवार को 707 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। कोरोना पॉजिटिव मामलों की बढ़ती संख्या अस्पतालों में भी साफ दिख रही है। दिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 13,906 कोविड बेड में से 3,318 बेड यानि 24% बेड अब उपयोग में हैं।

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने हमारे सहयोगी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘हमने पिछले तीन-चार दिनों में कोविड मरीजों की भर्ती में भारी बढ़ोतरी देखी है। गुलेरिया के अनुसार, पब्लिक मूवमेंट बढ़ जाने से, लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न किए जाने से और फेस मास्क न पहनने की वजह से संभव है कि कोरोना पॉजिटिव केसों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसमें मौसम भी एक फैक्टर है।’ एम्स डायरेक्टर ने कहा, ‘मौसम निश्चित रूप से वायरस की लंबी उम्र में एक भूमिका निभाता है। हमने H1N1 के साथ देखा है कि कम तापमान और उच्च आर्द्रता के कारण बारिश के मौसम में कैसे मामले बढ़ते हैं।’

5 अगस्त से फिर बढ़ने लगे केस
मंगलवार को दिल्ली में कोविड-19 के 1,257 नए मामले दर्ज किए गए, जो शहर की टैली को 1.47 लाख से अधिक तक ले गए। वहीं सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, अच्छी बात यह है कि पिछले 24 घंटों में केवल आठ लोगों की मौत हुई। 2 से 4 अगस्त के बीच इन आंकड़ों में भारी गिरावट देखने को मिली थी। 2 अगस्त को 961, 3 अगस्त को 805 और 4 अगस्त को कोरोना वायरस संक्रमण के 674 मामले सामने आए थे। हालांकि, 5 से 9 अगस्त के बीच एक बार फिर इसमें बढ़ोतरी हुई और हर दिन के हिसाब से ये आंकड़ा 1000 के पार चला गया।

एक सप्ताह में यूं बढ़े केस
4 अगस्त को जहां 9,292 टेस्ट हुए, वहीं उनमें से 674 केस पॉजिटिव मिले। 5 अगस्त को 16,785 में से 1,076 केस पॉजिटिव मिले। 6 अगस्त को 20,436 में से 1,299 केस पॉजिटिव मिले। 7 अगस्त को 23,385 में से 1,192 केस पॉजिटिव मिले। 8 अगस्त को 24592 में से 1,404 केस पॉजिटिव मिले। 9 अगस्त को 23,787 में से 1300 केस पॉजिटिव मिले। 10 अगस्त को 12,323 में से 707 केस पॉजिटिव मिले। इसके बाद 11 अगस्त को एकबार फिर केस बढ़े और 19,440 में से 1,257 पॉजिटिव केस सामने आए।

दिल्ली में लगातार हो रहे RT-PCR टेस्ट
दिल्ली सरकार ने कहा कि पिछले 24 घंटों में किए गए कुल परीक्षणों में से 5,356 (38%) RT-PCR के माध्यम से किए गए, जबकि 14,084 (62%) रैपिड एंटीजन टेस्ट (RAT) के माध्यम से किए गए। इससे पहले 27 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को RT-PCR टेस्ट में बढ़ोतरी करने को कहा था। शहर में हर दिन 11,000 आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जा सकते हैं। सर गंगा राम अस्पताल में चेस्ट मेडिसिन के सीनियर कन्सल्टेंट डॉ. अरुप बासु ने कहा, ‘दिल्ली में अधिकांश स्थानों पर ट्रैफिक सामान्य हो गया है। लोग अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं, जिससे मामलों में वृद्धि हो रही है।’

डॉ. बासु ने कहा कि बाहर जाने पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए और मास्क पहनना चाहिए। नए मामलों को रोकने के लिए सरकार को इन एहतियाती उपायों को सख्ती से लागू करना चाहिए। अपोलो अस्पताल के डॉ. सुरनजीत चटर्जी ने भी दोहराया, ‘चूंकि कोविड -19 का अभी तक कोई इलाज नहीं है, इसलिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क वायरस के खिलाफ लड़ाई में महत्वपूर्ण हथियार हैं।’

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