एनडीए छोड़ यूपीए के साथ जायेंगे उपेंद्र कुशवाहा !

दिल्ली ब्यूरो: सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताविक बिहार एनडीए के घटक रालोसपा ने अब एनडीए से अलग होने का मन बना लिया है। मोतिहारी में चल रही पार्टी के मंथन समारोह से पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि ”हमने एनडीए से अलग होने का फैसला कर लिया है। अब ज्यादा जहालत की कोई जरूरत नहीं। पार्टी अब आगे का काम करेगी और इस मसले पर जल्द ऐलान भी होगा। ” रालोसपा नेता ने यह भी कहा कि बहुत जल्द ही राहुल गाँधी से हमारे नेता की मुलाक़ात हो सकती है।

बता दें कि पिछले एक महीने से सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी -जदयू और रालोसपा के बीच रार जारी है। बीजेपी और जदयू मिलकर रालोसपा को मात्र एक सीट देने को तैयार है जबकि रालोसपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा पार्टी की हैसियत के मुताविक पांच सीटों की मांग करते रहे हैं। उधर बीजेपी किसी भी सूरत में कुशवाहा की मांग को पूरा नहीं करना चाहती। कुशवाहा ने इस मसले को ख़त्म करने के लिए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिलने का समय माँगा लेकिन शाह ने समय दिया। फिर कुशवाहा ने पीएम मोदी से मिलने का समय माँगा ,वह भी संभव नहीं हो सका।

बता दें कि राष्ट्रिय लोक समता पार्टी की तीन दिवसीय बैठक मोतिहारी में चल रही है। इस बैठक में पार्टी के सभी अधिकारी जमे हुए हैं। इसी बैठक में यह निर्णय लिया जाना है कि पार्टी आगे क्या निर्णय करेगी और अगला लोकसभा चुनाव कैसे लड़ेगी। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताविक रालोसपा अध्यक्ष कुशवाहा बहुत जल्द ही मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं और यूपीए का हिस्सा बन सकते हैं। जानकारी के मुताविक आगामी 10 दिसंबर तक कुशवाहा की मुलाक़ात कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से होने की संभावना है। अगर यह मुलाक़ात संभव हो जाती है तब कुशवाहा अपने अगले कदम का ऐलान कर सकते हैं।

बता दे कि कुशवाहा की दो तीन दौर की बातचीत पहले भी कांग्रेस नेताओं से हो चुकी है। अब माना जा रहा है कि आगामी 11 दिसंबर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक पहले कुशवाहा की मुलाक़ात राहुल गाँधी से हो सकती है। रालोसपा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर ठाकुर से भी कहा है कि अब पहले जैसा कुछ नहीं रहा। बीजेपी के साथ अब रहना कठिन है और जदयू के साथ तो और भी नहीं रहा जा सकता। चुकी रालोसपा का बीजेपी के साथ गठबंधन हुआ था तब नीतीश कुमार इसमें शामिल नहीं थे। यही वजह है कि हम बार बार बीजेपी को मौक़ा दे रहे थे लेकिन अब शायद हो सम्बन्ध बना रहे।

इधर उपेंद्र कुशवाहा के साथ रहे और बाद में पार्टी से अलग हो गए सांसद प्रोफेसर अरुण कुमार भी अब कुशवाहा के साथ आते दिख रहे हैं। अरुण कुमार मान रहे हैं कि कांग्रेस नेताओं से उनकी बातचीत चल रही है और सब कुछ ठीक ठाक रहा तो वे कांग्रेस के साथ मिल सकते हैं।

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