एससी-एसटी एक्ट के बदलाव के बाद जल उठा उप्र, दो की मौत की खबर

लखनऊ ब्यूरो। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एससी-एसटी एक्ट में हुए दो बड़े बदलावों के बाद सोमवार को दलित समाज द्वारा बुलाया गया भारत बंद कई जगह हिंसक रूप ले चुका है। इसका व्यापक असर यूपी के कई जिलों में देखा जा रहा है। कई जनपदों में दलित समाज के बैनर तले तोडफ़ोड़, आगजनी देखने को मिली है। इसे काबू में करने के लिए पुलिस प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।

उग्र भीड़ को शांत कराने के लिए पुलिस के कई अधिकारी घायल भी हुए। दो लोगों की मौत, सैकड़ों घायल होने की भी खबर है। पुलिस चौकियां फूंक दी गयी। हालांकि समाजसेवी संगठनों ने विरोध प्रदर्शन को शांति पूर्वक करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन उग्र भीड़ काबू में नहीं हो रही है। इसके लिए आरएफ, पीएसी की फोर्स कई जनपदों में तैनात करायी गयी है।

हापुड़ जिले में उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने कानून को हाथ में ले लिया है। बसों व अन्य वाहनों में तोडफ़ोड़ के आगजनी कर दी। इसके साथ ही बाजार की दुकानों को बन्द करवाना शुरु कर दिया है। जो दुकानदार दुकान नहीं बन्द कर रहे हैं। उनसे प्रदर्शनकारी मारपीट कर जबरन दुकान बन्द करवा रहे हे। खबर यह भी है कि दुकान न बन्द करने पर भीड़ ने एक दुकानदार को गोली मार दी है। इसके बाद वहां पर और भी ज्यादा हिंसा भड़क गयी। बवाल को रोकने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा। इसमें कई लोग घायल हुए तो पुलिस के अधिकारी भी भीड़ की पत्थरबाजी का शिकार बने हैं।

गाजियाबाद के गौशाला फाटक के पास रेलवे पटरी पर भारत बंद होने पर हजारों की तादाद में प्रदर्शनकारियों ने इकट्ठा होकर धरना प्रदर्शन किया। उग्र भीड़ ने धरना-प्रदर्शन किया और कई ट्रेनें रोक दीं। इनमें सप्तक्रांति एक्सप्रेस अन्य मालगाडिय़ां सभी को रोक दिया गया। इस मौके पर सीओ मनीषा सिंह समेत पुलिसकर्मी मौजूद रहे, लेकिन लोग और जय भीम जय भारत के नारे लगाते रहे सभी लोग ट्रेन रुकने पर काफी परेशान रहे।

विजय नगर थाना प्रभारी नरेश कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे। गौशाला फाटक के पास लोगों ने पुलिस की लेपर्ड बाइक को आग के हवाले कर दिया। ग्रेटर नोएडा के दादरी में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने बसों के शीशे तोड़े। एसडीएम दादरी, सीओ और इंस्पेक्टर ने भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर जाकर नियंत्रण किया। पुलिस ने करीब डेढ़ दर्जन लोगों को हिरासत में लिया।

आगरा जिले में इतना भयंकर बवाल हुआ है कि उग्र भीड़ में शामिल बच्चे नौ युवा हाथों पत्थर लिये हुए हैं। उन्हें रोकने के लिए आने वाली पुलिस फोर्स पर पत्थरबाजी की जा रही है। बाजार बन्द किये जा रहे हैं । पुलिस के वाहन व निजी वाहनों में तोडफ़ोड़ कर आगजनी, फायरिंग की जा रही है। इसे काबू में करने के लिए पुलिस फेल साबित हो रही है।

दो की मौत, सैकड़ों के घायल होने की खबर

भारत बंद के बाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बाद मेरठ, सहारनपुर, आगरा, फिरोजाबाद, हापुड़, गाजियाबाद, कानपुर, वाराणसी, सहित सभी जनपदों में दलित समाज के सगंठन प्रदर्शन कर रहे है। इस प्रदशज़्न के बाद प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो गयी है। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में फिरोजाबाद व एक अन्य जिले से दो लोगों की मौत की खबर आ रही है। वहीं, इस प्रदशज़्न में सैकड़ों घायल है। इसमें पुलिस अधिकारी भी शामिल है।

बवाल को शांत कराने के लिए आरएएफ तैनात

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यूपी में भड़की हिंसा को काबू में करने के लिए पुलिस पूरी तरह से नाकामयाब है। पुलिस पर भीड़ भारी पड़ रही है। प्रदेश के कई जनपदों में तोडफ़ोड़, आगजनी की घटना से दहशत का माहौल है। इन्हें काबू में करने के लिए डीजीपी ओपी सिंह ने कड़े निर्देश दिये हैं। इसके बाद सभी जनपदों में आरएएफ, पीएसी सहित फोर्स को तैनात किया गया है। खबर लिखे जाने तक बवाल को शांत कराने के लिए फोर्स कड़ी मशक्कत कर रही है। कई जगह जिलाधिकारियों ने अघोषित कफ्र्यू भी लगा दिया है।

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