ऐसी गलती कतई न करें! पंजाब से राजस्थान तक जानलेवा हुई अंगीठी, 8 लोगों की मौत

नई दिल्ली: सर्दियों के मौसम में अकसर लोग बंद कमरे के अंदर अंगीठी या अलाव जलाकर सो जाते हैं, लेकिन यह जानलेवा होता है। कई बार इसके चलते बड़े हादसे हो चुके हैं। ऐसा ही एक हादसा पंजाब के उधम सिंह नगर जिले के गांव चट्ठा ननहैड़ा में हुआ है। यहां ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाकर सो रहे पांच प्रवासी मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई है और एक मजदूर की हालत गंभीर बनी हुई है। अंगीठी जलाकर सोना इन लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ और ऑक्सीजन का स्तर कम होने से इन लोगों ने नींद के आगोश में ही दम तोड़ दिया। ये सभी मजदूर बिहार के बेगूसराय जिले से थे।

इसके अलावा राजस्थान के चुरू जिले में दम घुटने से तीन लोगों की मौत हो गई है। जबकि एक मासूम की हालत गंभीर है। बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने से दम घुटने से मौत हुई है। मरने वाले एक ही परिवार के सदस्य हैं। जिले की रतनगढ़ तहसील के गांव गौरीसर में यह घटना हुई। सभी लोग रात में अंगीठी जलाकर सो गए थे और सुबह मौत के आगोश में पाए गए।

वहीं पंजाब में मौत का शिकार होने वाले सभी मजदूर एक शैलर में काम करते थे। रविवार की रात को करीब दस बजे काम निपटाकर शैलर में काम करने वाले सत्यनारायण साधा, करण साधा, सचिन कुमार, राधे साधा, अमंत कुमार और शिवरूद्र, शैलर में ही बने एक ही कमरे में सो गए। सर्दी से बचने के लिए इन्होंने अंगीठी जला ली। सोमवार सुबह को काम पर नहीं आते देख लेबर ठेकेदार ने मजदूरों को जगाने के लिए कमरे का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा नहीं खोलने पर मालिकों को सूचना दी गई। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो सत्यनारायण साधा, करण साधा, सचिन कुमार, राधे साधा और अमंत कुमार मृत अवस्था में पाए गए। शिवरूद्र की सांस चल रही थी।

शिवरूद्र को तुरंत सुनाम के निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया है। एसएचओ मनप्रीत सिंह ने हादसे की पुष्टि की है। दरअसल अंगीठी जलाने या हीटर जलाने के बाद यदि कमरा बंद हो तो ऑक्सीजन का स्तर कम हो जाता है। इसकी वजह यह है कि अंगीठी और हीटर के जलाए जाने से कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलती है। यह जानलेवा होती है। कमरा बंद होने के चलते बाहर से ऑक्सीजन का प्रवेश नहीं होता और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस की मात्रा बढ़ने से सांस लेने में दिक्कत होती है। इससे प्रभावित लोगों की मौत हो सकती है।

 

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