ऐसे लोग होते हैं बुद्धि और किस्मत के धनी, शायद आप भी हों

लखनऊ: आप में से जो भी लोग ज्योतिष शास्त्र में विश्वास नहीं करते हैं। वे अभी से इस खबर को पढ़ना बंद कर सकते हैं क्योंकि विश्वास ही इस दुनिया में प्रत्येक चीज के अस्तित्व का आधार है। हां अगर आप ज्योतिष में यकीन रखते हैं तो आपको यह चीज माननी चाहिए कि हमारी शारीरिक बनावट हमारे व्यक्तित्व का भी परिचय दे सकता है।

आज हम शरीर के सबसे तेजस्वी अंग ललाट की बात करने वाले हैं। ज्योतिष के अनुसार हमारे ललाट की बनावट और चमक बहुत कुछ बयां करती है। दोस्तों आपने देखा होगा कि जब भी हम किसी ज्योतिषी या पंडित जी से अपने भविष्य के बारे में पूछते हैं, तब वह हमारे ललाट अथवा हथेलियों को देखते हैं। क्योंकि ज्योतिष शास्त्र इस तथ्य का समर्थन करता है कि ललाट के आकार एवं उसकी चमक का हमारे गुण स्वभाव और भावी घटनाओं से गहरा नाता है।

यहां हम ऐसी ललाट या कपाल वालों के बारे में बात करेंगे, जो चौड़े और ऊपर से उभरे हुए होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसी ललाट वाले लोग ना केवल बुद्धि और किस्मत के धनी होते हैं, बल्कि ये कुशलता के भी धनी होते हैं। ऐसे लोग मुश्किल से मुश्किल काम को अपनी कुशलता से तय समय के भीतर ही पूरा कर लेते हैं। इसका मतलब यह है कि ये टाइम मैनेजमेंट करने में कुशल होते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इन लोगों में सही वक्त पर सही निर्णय लेने की भी अद्भुत क्षमता होती है।

लेकिन ऐसा नहीं है कि सिर्फ चौड़े ललाट वाले लोग हीं ऐसे गुणों से संपन्न होते हैं। कुछ बातें ऐसी भी है जो इससे अधिक मायने रखती हैं। वह है मानव का परिश्रम, त्याग और समर्पण। यदि हम किसी चीज के लिए हम तल्लीनता से समर्पित होकर कठिन परिश्रम करते हैं तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह कर्म के विधान के अंतर्गत आ जाता है और उसका फल हमें निश्चित रूप से मिलना हीं है। इसी सकरात्मकता को आप लोगों तक पहुंचाते हुए अब हम इस आर्टिकल का समापन करते हैं। वास्तव में हमें आप तक इसी सकारात्मक विचार को फैलाना था। ललाट का विषय तो केवल एक माध्यम मात्र है। अगर आपको अच्छा लगा तो इसे लाइक और शेयर करें। इसके अलावा हमारे साथ जुड़े रहने के लिए फॉलो का पीला बटन भी जरूर दबाएं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper