ओडिशा और आंध्र प्रदेश में 62 साल से चल रहा एक गांव को लेकर ‎विवाद

भुवनेश्वर। आंध्र प्रदेश की सीमा के पास ओडिशा का एक गांव ऐसा भी है, जो पिछले 62 सालों से इन दोनों राज्यों के बीच विवाद का जड़ बना हुआ है। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को कोरापुट जिले के तहत आने वाले नक्सल प्रभावित इस गांव का दौरा करेंगे। इस गांव में दो सरपंच भी हैं, जिनमें से एक ओडिशा तो दूसरा आंध्र प्रदेश से ताल्लुक रखता है।

ओडिशा सरकार कोरापुट जिले के कोटिया गांव में अधिकारियों की एक टीम भेजकर यहां आंध्र प्रदेश के द्वारा कथित घुसपैठ के मामले में जांच-परख करेगी। केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी इस इलाके का दौरा करेंगे। कोटिया ग्राम पंचायत में कुल 28 गांव हैं, जिनमें से 21 गांव 1956 से ही ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच विवादित हैं। इस गांव के रहने वाले दाहुर खारा नामक एक ग्रामीण ने कहा ‎कि यह एक विवादित क्षेत्र है।

हम ओडिशा और आंध्र प्रदेश, दोनों ही जगहों पर वोट डालते हैं। हमारे गांव में दोनों ही प्रदेशों के सरपंच हैं, जिसमें ओडिशा से बिश्वनाथ खिला और आंध्र प्रदेश से बिसु जेमेल सरपंच हैं। वहीं कोरापुट जिले के पूर्व डी.एम. जी. परीदा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया, ‘इस तरह का कोई विवाद नहीं है। यह क्षेत्र 1945 से ही ओडिशा के नक्शे में है।

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