कंधों के दर्द से छुटकारा पाने के लिए रोज करें ये 5 स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज

कोरोना महामारी में हुए लॉकडाउन के कारण लोग वर्क फ्राम होम कर रहे हैं. सुबह से लैपटाप लेकर बैठ जाते हैं. और काम करते हुए उनको 8 से 10 घंटे लग जाते हैं. वर्क प्रेशर के कारण कई बार तो लोग खाना पीना भूल जाते हैं. लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम करने से कंधों और कमर में दर्द होने लगता है. क्योंकि अधिकांश लोगों के घर में उस तरह की आरामदायक कुर्सियां नहीं होतीं जैसे ऑफिस में होती हैं.

लैपटाप के सामने घंटों तक बैठकर काम करने से आंखों में जलन या ड्राईनेस होने के साथ बदन भी अकड़ जाता है, जिसका असर फिजिकल हेल्थ पर पड़ता है. इसके अलावा लोअर बैक में भी प्रॉब्लम होने लगती है. इसके लिए लोअर बैक की स्ट्रेचिंग और नेक स्ट्रेचिंग करके उनकी टाइटनेस को कम किया जा सकता है. लैपटॉप पर काम करते समय या टाइपिंग करने के लिए घंटों तक एक ही पोजिशन में बैठे रहने से कंधों में दर्द होने लगता है. ये दर्द कई बार धीरे-धीरे रीढ़ की हड्डी तक पहुंच जाता है तो कई बार गर्दन और कान तक.

वर्क फ्राम होम में कंधे / शोल्डर को स्ट्रेच किया जाना जरूरी है ताकि उनकी टाइटनेस को कम किया जा सके. इस आर्टिकल में हम आपको कंधे या शोल्डर के कुछ ऐसे स्ट्रेचज या स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज बताएंगे जो स्टिफनेस और टाइटनेस को कम करके कंधे को फ्लेग्जिबल/ लचीला बनाने में आपकी मदद करेंगे…

  1. चाइल्ड पोज
    इस स्ट्रेच से शोल्डर, अपर बैक, लेग्स और जांघ में स्ट्रेच आता है. इस पोज को करने के लिए घुटने और हथेली से ऐसे पोज बनाएं जैसे बच्चे जब चल नहीं पाते तब बनाते हैं. इसके बाद लंबी सांस लें और हथेलियों को फर्श पर आगे की ओर फैला ले. अब हिप्स को पीछे लेकर एड़ी पर बैठ जाएं. धीरे-धीरे खिंचाव महसूस करेंगे. इसे 30 सेकेंड के लिए होल्ड करें. ध्यान रखें कि आपका सिर अपर बॉडी की दिशा में होगा और पंजे पीछे की तरफ फैले रहेंगे. 30-30 सेकेंड के इस स्ट्रेच को 5-6 बार दोहरा सकते हैं.
  2. शोल्डर रोल्स
    कंधे की स्टिफनेस दूर करने के लिए यह स्ट्रेच बहुत अच्छा माना जाता है. इसका फायदा यह है कि इसको चेयर पर बैठे-बैठे ही किया जा सकता है. इसे करने के लिए शोल्डर को नॉर्मल पोजिशन में रखकर हाथों को नीचे की ओर लटकाना होगा. अब सांस छोड़ते हुए दोनों कंधों को कोनों की तरफ उठाएं और फिर एक साथ पीछे की ओर रोल करें. यहां पर ध्यान रखें सांस खींचते हुए शोल्डर को ऊपर लेकर जाना है और सांस छोड़ते हुए शोल्डर को पीछे की तरफ से रोल करते हुए नीचे लाना है. कंधे को रोल करने के लिए कोहनी के मूवमेंट को भी एडजस्ट कर सकते हैं. इस स्ट्रेच के 10-15 राउंड करना अच्छा रहेगा.
  3. क्रॉस बॉडी शोल्डर स्ट्रेच
    इस स्ट्रेच को करने से कंधे के डेल्टोइड, टेरीस माइनर और सुप्रास्पिनैटस मसल्स स्ट्रेच होते हैं. इसे भी कुर्सी पर बैठकर या खड़े होकर किया जा सकता है. इस स्ट्रेच को करने के लिए सबसे पहले दाएं हाथ को सीधा करें और बाएं हाथ से दाएं हाथ की कोहनी को छाती की ओर ले जाएं. इससे दाएं शोल्डर में खिंचाव महसूस होगा. यहां ध्यान रखें कि आपका शोल्डर कंधे के लेवल पर ही होना चाहिए. हाथ कंधे से ऊपर या नीचे ना हो. दोनों शोल्डर को 5-5 राउंड कर सकते हैं.
  4. ईगल आर्म स्ट्रेच
    ईगल आर्म स्ट्रेच, ईगल पोज योग का एस हिस्सा है. इस स्ट्रेच को करने से कंधों में लचीलापन बढ़ता है. इसे करने के लिए पैरों को हिप-चौड़ाई के साथ खोलें और सांस लेते हुए हाथों को आगे की ओर खोलें. सांस छोड़ते हुए हाथों को फोटो में दिखाए मुताबिक स्थिति में रोल करें. इसमें पहले एक हाथ को सीधा रखना है और दूसरे हाथ को उस पर रोल करना है. अगर आपका एक हाथ दूसरे हाथ पर रोल हो जाता है तो दोनों हथेलियों को आपस में स्पर्श करने की कोशिश करें. अब लंबी-लंबी सांस लें और 10-15 सेकेंड होल्ड करने के बाद इसी को दूसरे हाथ से दोहराएं. इस स्ट्रेज को 5-6 बार दोनों हाथ से दोहरा सकते हैं.
  5. काऊ फेस पोज
    काऊ फेस पोज को योग की भाषा में गौमुखासन कहते हैं. इस आसन को बैठकर या खड़े होकर दोनों तरह से कर सकते हैं. इसे करने के लिए पहले दाएं हाथ को ऊपर की उठाएं और फिर बाएं हाथ को कोहनी से मोड़ते हुए पीछे की ओर लेकर जाएं. दाएं हाथ की कोहनी को ऊपर उठाते हुए दाहिने हाथ को सिर के ऊपर और पीठ के नीचे तक पहुचाएं. बाएं हाथ को पीछे से ऊपर की ओर खींचें और दाएं हाथ को पकड़ने की कोशिश करें. दोनों हाथों को पास लाने की कोशिश करें. अगर हाथ स्पर्श न हों तो फोर्स न करें नहीं तो खिंचाव आ सकता है. 20 सेकेंड होल्ड करने के बाद इसे विपरीत तरफ से दोहराएं
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