कई राज्य कोरोना रोकने के लिए वीकेंड लॉकडाउन का अपना रहे फॉर्म्युला

नई दिल्ली: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच कई शहरों और राज्यों के हिस्सों में साप्ताहिक लॉकडाउन होने लगा है। शनिवार को भी ज्यादा खतरे वाले शहरों में लॉकडाउन लागू था। एक दर्जन से ज्यादा राज्य कोरोना की रफ्तार कम करने के लिए इस तरह के लॉकडाउन का प्रयोग कर चुके हैं। आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार देने के साथ ही कोरोना के खतरे से भी बचना है इसीलिए साप्ताहिक लॉकडाउन का फॉर्म्युला तेजी से फैल रहा है।

दूसरी तरफ बिहार और मणिपुर ने 16 से 23 जुलाई तक संपूर्ण लॉकडाउन रखा। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना पॉजिटिव पाए गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले ही भोपाल में 10 दिन का लॉकडाउन लागू हो चुका है। शनिवार को राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन रखा जा रहा है। तमिलनाडु के कोयंबटूर में सोमवार सुबह तक संपूर्ण लॉकडाउन रखा गया। तमिलनाडु में भी हर रविवार को लॉकडाउन रखा जा रहा है। तमिलनाडु में कोरोना मरीजों की संख्या दो लाख के पार हो गई है और हरदिन लगभग छह से सात हजार केस सामने आ रहे हैं।

यूपी और बंगाल में लागू है साप्ताहिक लॉकडाउन
यूपी में पिछले कुछ हफ्तों से शनिवार और रविवार को लॉकडाउन रखा जा रहा है। वहीं, उत्तराखंड के चार जिलों देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिलों में भी इसी महीने दूसरी बार लॉकडाउन लगाया जा चुका है। पश्चिम बंगाल में हर हफ्ते में दो दिन सभी दुकानें और ट्रांसपोर्ट सेवाएं बंद रखी जा रही हैं। जम्मू में भी शुक्रवार शाम 6 बजे से 60 घंटे का लॉकडाउन लागू किया गया। वहीं, कश्मीर घाटी में बांदीपुरा को छोड़कर गुरुवार से ही छह दिन का लॉकडाउन लागू किया गया है। ताजा अपडेट्स के मुताबिक, देश में कोरोना के मरीजों की संख्या 13,36,861 से आगे पहुंच गई है।

अभी तक देश में 31358 लोगों की जान भी गई है। इसमें से 11.4 लाख केस सिर्फ जून-जुलाई के ही महीने में आए हैं, जब लॉकडाउ के नियमों में ढील दी गई। सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में अभी तक साढ़े तीन लाख से ज्यादा केस आ चुके हैं। नागपुर शहर के निकाय प्रशासन ने शनिवार और रविवार को ऐच्छिक जनता कर्फ्यू का ऐलान किया है, जिसमें सिर्फ जरूरी सेवाएं ही जारी रहेंगी। यह कदम लोगों को जागरूक करने के लिए उठाया गया है। नागपुर के म्युनिसिपल कमिनश्नर का कहना है कि अगर लोग खुद को इसके हिसाब से ढाल लेते हैं, तब तो ठीक है वरना हमें भी लॉकडाउन लागू करना होगा।

उद्धव ठाकरे बोले इकॉनमी और स्वास्थ्य में बैलेंस बनाना जरूरी
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे ने शनिवार को कहा कि सिर्फ आर्थिक गतिविधियों के लिए वह कोरोना काल में लगी पाबंदियां हटाने के पक्ष में नहीं हैं। महाराष्ट्र ने भी पुणे समेत ज्यादा प्रभावित इलाकों में अलग-अलग समय और सख्ती के अनुसार लॉकडाउन लागू किया है। उद्धव ठाकरे ने ‘सामना’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, ‘मैं कभी नहीं कहूंगा कि लॉकडाउन पूरी तरह से खत्म हो जाएघा लेकिन मैंने धीरे-धीरे चीजों को खोलने की शुरुआत कर दी है। एकबार जो खुले वह दोबारा बंद नहीं होना चाहिए। ऐसे में मैं चरणबद्ध काम कर रहा हूं। हम सिर्फ इकॉनमी या स्वास्थ्य के बारे में नहीं सोच रहे हैं। दोनों के बीच में बैलेंस जरूरी है।’ नगालैंड की राजधानी कोहिमा में 31 जुलाई तक और दिमापुर में रविवार से 2 अगस्त तक लॉकडाउन लगाया गया है। मेघालय सरकार ने शिलॉन्ग में 26 जुलाई से 29 जुलाई तक संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और बीरगांव के निगम क्षेत्र में बुधवार से एक हफ्ते का लॉकडाउन लागू है। इसके अलावा 20 शहरी निकाय क्षेत्रों में भी प्रतिबंध जारी हैं।

बंगाल में बंद हुआ ट्रांसपोर्ट और बाजार
पश्चिम बंगाल में स्थिति सामान्य की ओर बढ़ रही थी। इसी बीच राज्य सरकार के वीकेंड लॉकडाउन प्लान के तहत शनिवार को जब बाजार और ट्रांसपोर्ट बंद हुआ तो एकबार फिर सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। गुरुवार को लॉकडाउन लागू होने के बाद से इसका उल्लंघन करने के आरोप में 3800 से ज्यादा लोग गिरफ्तार भी किए गए। इस दौरान कोलकाता एयरपोर्ट की सेवाएं भी बंद रखी गईं। पुलिस ने चौराहों पर पट्रोलिंग की और कई जगहों पर लोगों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग भी की गई। पश्चिम बंगाल में शुक्रवार तक कोरोना के 53973 मामले सामने आ चुके थे और 1290 लोगों की मौत हो चुकी थी। ओडिशा ने राज्य के पांच जिलों गंजम, खोरधा, कटक, जजपुर और राउरकेला में 17 जुलाई तक कुल 14 दिनों का लॉकडाउन रखा। कर्नाटक में हर रविवार को लॉकडाउन रखा जा रहा है। इसके अलावा बेंगलुरु में 22 जुलाई तक एक हफ्ते का लॉकडाउन लागू था।

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