कमोड पर बैठकर न करें मोबाइल का इस्तेमाल, हो सकती है पाइल्स की बीमारी

आज के समय में कई लोग ऐसे हैं जो टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल करते हैं लेकिन यह बहुत ही खतरनाक है। एक दौर था जब फिल्मों में अदाकारों को कमोड पर बैठकर अखबार पढ़ते दिखाया जाता था, इन्हीं को देखकर अमीरों में यह चलन शुरू हुआ था और अब जब से मोबाइल का जमाना आया है तो कमोड पर बैठकर मोबाइल इस्तेमाल करने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में अगर आप भी उनमें से एक हैं तो तुरंत अपनी आदत बदल लें, नहीं तो आप बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं।

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग कमोड पर बैठकर मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उन्हें पाइल्स होने का खतरा रहता है। कुछ समय पूर्व ही यूके में हुए एक शोध किया गया जिसमें पाया गया है कि 57 फीसदी लोग कमोड पर बैठकर अक्सर मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं और उनमें से 8 फीसदी ने कहा कि वे हमेशा कमोड पर बैठे मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। जी हां और इस पर डॉक्टरों ने देखा कि जो लोग कमोड पर बैठकर मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं और उन्हें पाइल्स जैसी खतरनाक बीमारी भी हो चुकी है।

लगभग 6 वर्ष पूर्व 2016 में ऐसा ही एक अध्ययन किया गया था, जिसमें यह पाया गया था कि कई लोग अपनी नकारात्मक भावनाओं को दबाने के लिए बाथरूम में अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं। हां और इसके अलावा, अध्ययन से पता चला कि छात्र बोरियत से लडऩे के लिए अपने फोन का इस्तेमाल करते थे। आप सभी को बता दें कि सेल फोन के लगातार इस्तेमाल से हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

हालांकि, एक अध्ययन में मोबाइल इस्तेमाल का सकारात्मक परिणाम सामने आया, जो यह भी था कि फोन वास्तव में कुछ लोगों को तनावपूर्ण स्थितियों से निपटने में मदद करते हैं। वर्ष 2014 में हुए एक अध्ययन से पता चलता है कि फोन से दूर रहना कई सहस्राब्दियों तक बहुत तनावपूर्ण हो सकता है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता कि फोन का इस्तेमाल बहुत खतरनाक है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... -------------------------
--------------------------------------------------- -------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper