कर्नाटक में बीजेपी के खेल को मात देंगे अखिलेश, तेजस्वी और शरद

अखिलेश अखिल

कर्नाटक में गठबंधन के साथ ही युवाओं की राजनीति देखने को मिलेगी। एक तरफ बीजेपी की सेना तैयार है जो हर हाल में कर्नाटक से कांग्रेस को चलता करने के फिराक में है ताकि उसके कांग्रेस मुक्त भारत का लक्ष्य पूरा हो सके तो दूसरी तरफ राहुल गाँधी और सिद्धरमैया की बड़ी सेना भगवा सेना को मात देने में लगी है। हाईटेक प्रचारतंत्र से पूरा कर्नाटक भौचक है। लेकिन इसी बीच गठबंधन धर्म को निभाने देश के दो राजनीतिक दल के बड़े नेता राहुल गांधी का हाथ मजबूत करने कर्नाटक चुनाव में पहुँच रहे हैं। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कर्नाटक की जनता के बीच अपनी बात रखेंगे और बीजेपी की राजनीति पर हमला करेंगे। माना जा रहा है कि आज से पहले दक्षिण के राज्यों में उत्तर भारतीय युवा नेताओं का ऐसा प्रचार कभी नहीं देखा गया था।

लोग मान रहे हैं कि देश में महागठबंधन को लेकर चल रही कवायद का असर कर्नाटक विधानसभा चुनाव में नजर आने वाला है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कर्नाटक में 12 मई को होने वाले मतदान से पहले चुनाव में कांग्रेस के लिए प्रचार करने के निर्णय लिया है। इस प्रचार में अखिलेश यादव, बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव भी मंच पर नजर आएंगे।2014 के आम चुनावों में मोदी लहर के बीच बसपा का सफाया हो गया था, तो समाजवादी पार्टी भी परिवार तक सिमट गई थी।

विधानसभा चुनाव 2017 के नतीजे भी दोनों ही दलों के लिए निराशाजनक रहे, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफा देने से खाली हुई गोरखपुर लोकसभा सीट और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या
के इस्तीफा देने से खाली हुई फूलपुर लोक सभा सीट के उपचुनाव में सपा बसपा गठबंधन को मिली सफलता ने भाजपा को उसके गढ़ में जोर का झटका दिया। विपक्षियों के लिए इस जीत ने टॉनिक का काम किया है। यही वजह है कि अब सभी विपक्षी दल एक साथ आने की रणनीति बना रहे हैं। यूपी के उपचुनाव के बाद अब समाजवादी पार्टी कर्नाटक में कांग्रेस की पार्टनर की भूमिका में नज़र आएगी। अखिलेश यादव कांग्रेस के लिए वोट मांगते नज़र आएंगे जबकि यूपी उपचुनावों में कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे थे।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में सपा का खासा वर्चस्व रहा है। उप चुनावों से खुद को दूर रखने का बसपाई फार्मूला भी सपा के पक्ष में था। लेकिन अब इन दलों ने दूसरे राज्यों में भी एक दूसरे की बैसाखी बनने का फैसला ले लिया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव कांग्रेस का प्रचार करने के लिए कर्नाटक जाने की योजना बना चुके हैं। इस दौरान वह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव के साथ मंच साझा करेंगे।

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