कर्नाटक हाई कोर्ट ने वीजा विस्तार के लिए चीनी महिला की याचिका खारिज की

बेंगलुरू: कर्नाटक हाई कोर्ट ने एक चीनी नागरिक की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उसने अपने वीजा के विस्तार के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की थी और कहा कि चीन के लिए उड़ान सेवाएं फिर से शुरू होने तक भारत में रहने की अनुमति देने का निर्णय अधिकार क्षेत्र के अधिकारियों के पास रहेगा।

न्यायमूर्ति कृष्णा एस. दीक्षित की अध्यक्षता वाली सिंगल पीठ ने मंगलवार को यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता को विदेशी पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) द्वारा 42 वर्षीय चीनी महिला ली डोंग को भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया है और उसने वीजा अवधि बढ़ाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उसे 22 जून, 2019 को 30 अगस्त, 2019 तक वीजा दिया गया था।

पीठ ने कहा, उसका वीजा 30 मार्च, 2020 तक कोरोना महामारी के कारण बढ़ा दिया गया था। याचिकाकर्ता ने आगे विस्तार के लिए अधिकारियों के साथ फिर से आवेदन किया है। चूंकि अधिकारियों ने कोई निर्णय नहीं लिया है, इसलिए याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

कानून के मुताबिक विदेशियों को वीजा अवधि खत्म होने के बाद देश छोड़ देना चाहिए। याचिकाकर्ता की याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता क्योंकि वह देश में ज्यादा रूक रही है। पीठ ने कहा कि यह संबंधित अधिकारियों पर छोड़ दिया गया है कि वह चीन के लिए उड़ान सेवाएं फिर से शुरू होने तक उसे रहने की अनुमति दें।

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