कल के दोस्त बने अब राजनीतिक दुश्मन,शाह पर नायडू का पलटवार 

अखिलेश अखिल 

राजनीतिक मिजाज बदलते ही राजनीतिक हमले कोई आम बात नहीं। लालू के साथ जब नीतीश थे तब तक सब ठीक था ,गठबंधन की कस्मे खाते फिरते थे। लेकिन जैसे ही नीतीश लालू को छोड़कर बीजेपी के साथ गए ,हनले तेज हो गए। ठीक इसी तरह की कहानी बीजेपी और टीडीपी के बीच शुरू हो गयी है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू ने शनिवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ओर से भेजी गयी चिट्ठी का जवाब देते हुए पलटवार किया है। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष की चिट्ठी को सूबे की जनता का अपमान बताया है।

विधानसभा में तेलुगू देशम पार्टी प्रमुख नायडू ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष तथ्यों को गलत तरीके से पेश कर रहे हैं और तेलुगू लोगों की भावनाओं का अपमान कर रहे हैं।   एनडीए का साथ छोड़ने के मामले को पार्टी के निर्णय का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि यह लोगों की भावनाओं के अनुरूप किया गया, क्योंकि लोग केंद्र सरकार द्वारा ठगा हुआ महसूस कर रहे थे।  उन्होंने कहा कि एनडीए ने अपने गठबंधन के साथियों और राज्य के प्रति अपनी जिम्मेदारी नहीं निभायी।  टीडीपी नेता ने कहा कि भाजपा ने राज्य के साथ कांग्रेस से भी ज्यादा अन्याय किया है।  कांग्रेस ने जहां जल्दबाजी में राज्य का बंटवारा कर दिया वहीं, भाजपा आंध्रप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के अंतर्गत राज्य के साथ किए गए वादे को निभाने में विफल रही।

नायडू ने यह प्रतिक्रिया भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के इस संबंध में पत्र जारी होने के कुछ ही घंटों बाद दिया है। शाह ने नायडू पर निशाना साधते हुए कहा था कि टीडीपी का एनडीए से नाता तोड़ने का फैसला एकतरफा और पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है।  अपने नौ पन्नों के पत्र में शाह ने टीडीपी प्रमुख के इन आरोपों को ‘झूठा और आधारहीन’ बताया है कि भाजपा आंध्र प्रदेश के लोगों की आकांक्षाओं को लेकर संवेदनशील नहीं है।शाह ने लिखा था कि भाजपा हमेशा से ही विकास और काम करने की राजनीति में भरोसा रखती है और यही हमारा प्रेरणा स्रोत है।  उन्होंने अपनी चिट्ठी में लिखा था कि आंध्र प्रदेश के बंटवारे से लेकर आज तक भाजपा ने हमेशा आंध्र प्रदेश के लोगों की आवाज को उठाया और लोगों के हितों के लिए काम किया।

इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश ने कहा था कि अमित शाह को राज्य के मुद्दों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।  उन्होंने कहा था कि भाजपा अध्यक्ष ने राज्य के लोगों की समस्याओं के समझे बिना ही यह पत्र लिखा है।

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