कानपुर एनकाउंटर: पहले जेसीबी से रोका रास्ता, फिर हिस्ट्रीशीटर ने छत से बरसाईं गोलियां

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से एक ऐसा मामले सामने आया है जहां हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने घेरकर गोलियां बरसा दीं। इसमें DSP समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए हैं जबकि सात पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। एडीजी जय नारायण सिंह ने इसकी पुष्टि की है। कई सिपाहियों को बेहद गंभीर हालत में रीजेंसी भर्ती कराया गया है। पुलिस के आलाधिकारी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है।

घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। आपको बता दें कि गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी। बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके 8-10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं।

मौके पर मौजूद एसओ बिठूर के हमराही (सिपाही) विकास बघेल ने रोते हुए बताया कि जैसे ही पुलिस की जीप गांव पहुंची और सभी पुलिसकर्मी गाड़ी से उतरे वैसे ही दो मंजिला मकान की छत पर हथियारों से लैस 50 लोगों ने हमला कर दिया। पुलिसकर्मी संभल भी नहीं पाए। सबसे पहले गोली शिवराजपुर एसओ महेश यादव को लगी। उन्हें संभलने का मौका भी नहीं मिला और वो खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े। जिसके बाद गोली और बम की बौछार होने लगी।

दबिश टीम में गए चौबेपुर थाने के सिपाही मोहम्मद अजमल ने बताया जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वैसे ही फायरिंग शुरू हो गई। पोजीशन लेने का भी मौका नहीं मिला। गोलीबारी में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और एसओ शिवराजपुर महेश यादव शहीद हो गए। उनके साथ करीब आठ पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं। जबकि एसओ बिठूर, एक दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों को गोली भी लगी है। जिन्हें गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना में एसओ कौशलेंद्र, दरोगा प्रभाकर पांडेय, सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, शिवमूरत, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। सेंगर और शिवमूरत की हालत गंभीर है। सूत्रों ने बताया कि जिस तरीके से हमला हुआ, उससे आशंका है कि बदमाशों को पुलिस की दबिश की भनक मिल गई थी। जिस कारण उन्होंने तैयारी करके पुलिस पर हमला किया। पुलिस ने बताया कि विकास दुबे खूंखार अपराधी है जिस पर 2003 में शिवली थाने में घुसकर तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था। बाद में वह इस केस से बरी हो गया था। इसके अलावा विकास पर प्रदेश भर में दो दर्जन से ज्यादा गंभीर केस दर्ज हैं।

बता दें कि इस घटना में क्षेत्राधिकारी बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा, थाना प्रभारी शिवराजपुर महेश चंद्र यादव, चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह, सब इंस्पेक्टर नेबू लाल, सिपाही सुल्तान सिंह, सिपाही राहुल, सिपाही बबलू, सिपाही जितेंद्र शहीद हुए हैं। वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर की इस घटना में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के परिजनों के प्रति शोक और अपनी संवेदना व्यक्त की है। सीएम योगी ने घटना की रिपोर्ट तलब की है और साथ ही डीजीपी एचसी अवस्थी से अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने पूरे मामले की रिपोर्ट भी मांगी है।

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