कानपुर के कारपेंटर संदीप को पीएम मोदी ने दिया था भरोसा, बैंक ने किया इंकार

लखनऊ ब्यूरो: उत्तर प्रदेश के युवा कारपेंटर संदीप के सपने अभी तक अधूरे हैं। संदीप का सपना था कि बढ़ईगिरी के क्षेत्र में वह ऐसा कमाल कर सकता है जो अबतक संभव नहीं हुआ। इच्छा थी कि अपने हुनर के दम पर इस कला को आगे बढ़ाएंगे और दर्जनों लोगो को रोजगार देकर भारत की काष्ठ कला से दुनिया को भी विष्मित करेंगे। संदीप ने अपने हुनर का प्रदर्शन पीएम मोदी के सामने भी किया था।

संदीप ने भगवत गीता के सभी 18 अध्याय और कुल 706 श्लोकों को अपनी शानदार कारीगिरी से लकड़ी पर उकेरा था। यह सब देख पीएम मोदी फूले नहीं समाये थे। संदीप ने इस काष्ठकला को पीएम मोदी को भेंट कर दी थी। संदीप के हुनर को देख कर तब पीएम ने उसे ना सिर्फ शाबासी दी थी बल्कि उसे स्टार्टअप के लिए 25 लाख रुपए देने की भी बात कही थी। लेकिन अब संदीप बैंक के चक्कर में फंस गए हैं।

बता दें कि संदीप की पीएम मोदी से मुलाक़ात 8 मार्च 2016 को हुयी थी। पीएम ने संदीप की आर्थिक मदद का ‘प्रधानमंत्री रोजगार जनन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) से सहायता का भरोसा दिलाया था। इस ऐलान के बाद खुश संदीप को तब मायूसी हाथ लगी जब बैंक ने उन्हें पैसे देने से इनकार कर दिया। संदीप को बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से मात्र 10 लाख रुपये दिए गए और बाकी के रुपये देने के लिए उन्हें नियमों में ऐसा उलझा दिया।

संदीप अब निराश हैं। अभी तक वे अपनी कंपनी भी नहीं खोल पाए हैं। बैंक वाले इतने कागजात मांग रहे हैं जिसे पूरा करना संदीप के बस की बात नहीं। इस बाबत संदीप ने प्रधानमन्त्री को पत्र भी लिख चुके हैं। लेकिन अभी तक ना तो पत्र का जबाब मिला है और ना ही उनकी समस्या का कोई हल निकला है। संदीप के सारे सपने टूट कर रह गए हैं।

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