कान दर्द में राहत देने वाले घरेलू टिप्स, आजमाइए दादी-नानी के बताए कुछ नुस्खे

नई दिल्ली: कई बार कान का दर्द असहनीय पीड़ा में बदल जाता है। अगर आप कभी भी ऐसी किसी स्थिति में फंसे तो कुछ आसान घरेलू टिप्स अपनाकर तकलीफ को कम कर सकते हैं। आमतौर पर हम सभी घर में कुछ पेन किलर्स रखते हैं। हम आपसे कहना चाहेंगे कि ये पेनकिलर्स बिना किसी डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से ऐसे ही ना खरीदें। ऐसा करना हार्मफुल हो सकता है। इसलिए कान दर्द में भी अगर कोई पेन किलर ले रहे हैं तो डॉक्टर से फोन पर ही सही सलाह जरूर कर लें।

अगर घर में कोई ईयर ड्रॉप है तो सबसे ज्यादा अच्छी बात है। अगर नहीं है तो आप कान के आस-पास और सिर की मसाज कर सकते हैं। मसाज करने का रूल यह है कि जिस नर्व में दर्द हो रहा हो, उस नर्व की मालिश ना करके आस-पास की अन्य नर्व्स की मसाज करनी है। अगर कान के पीछेवाले हिस्से में दर्द हो रहा हो तो मसाज करते हुए हाथ नीचे की तरफ लाएं। अगर कान के आगे वाले हिस्से में दर्द हो रहा हो तो मसाज करते हुए सामने की तरफ हाथ लाएं। कान में दर्द होने की स्थिति में आपको ईयरबड इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए। अगर आपके कान में तेज दर्द है तो हॉट पैड से कान की सिकाई करें। ऐसे पैड आपको मेडिकल पर या ऑनलाइन भी मिल जाएंगे।

अगर हॉट पैड भी उपलब्ध ना हों तो एक कॉटन का बड़ा हैंकी लें और गैस पर तवा गर्म कर लें। अब हैंकी की कई तह बनाकर उसे गर्म तवे पर कुछ सेकेंड्स हीट होने दें और फिर कान के आस-पास और गले की सिकाई करें। यह सिकाई 20 मिनट से ज्यादा ना करें। इससे आपको तुरंत राहत महसूस होगी। ऐसा नहीं है कि केवल हॉट पैड की सिकाई ही कान के दर्द में राहत देती है। बल्कि कोल्ड पैड की सिकाई भी आपको इस परेशानी में आराम दे सकती है।

घर के फ्रीज से आइस क्यूब्स लें और इन्हें एक पॉली में रखकर कॉटन के कपड़े या टॉवेल में लपेट लें। अब कान के पास और कान के नीचे के एरिया पर इससे 20 मिनट तक सिकाई करें। आपको लाभ होगा। रात के समय अथवा ग्रामीण अंचलों में कहीं भी फंसे होने की स्थिति में ये दादी-नानी के घरेलू नुस्खें आपकी बहुत मदद कर सकते हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper