काेरोना से बचने के लिये महोबा में यज्ञ

महोबा: महामारी के रूप में विश्व समुदाय के लिए चुनौती बने कोरोना वायरस से बचाव तथा वातावरण को शुद्ध एवम पवित्र करने के लिए उत्तर प्रदेश के महोबा में शनिवार को यज्ञ अनुष्ठान आयोजित किये गए। मंदिरों व अलग अलग विभिन्न स्थलों पर सम्पन्न हुए इन आयोजनों में सैकड़ो की संख्या में लोगो ने कार्यक्रम में सहभागिता कर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां दे जगत कल्याण की कामना की।

महोबा मुख्यालय में देवी शक्तिपीठों छोटी एवम बड़ी चंडिकाए, सिद्ध बाबा मंदिर, मदारन माता मंदिर समेत जन आस्था के विभिन्न स्थलों पर शनिवार को कोरोना वायरस की आपदा से निबटने के लिए विशेष यज्ञ अनुष्ठान के आयोजन किये गए। अत्यंत भीड़भाड़ वाले तहसील चौराहे पर स्थित हनुमान मंदिर में बीते एक सप्ताह से चल रही भागवत कथा का समय पूर्व समापन करते हुए विशाल यज्ञ सम्पन्न कराया गया।

कथा वाचक यज्ञाचार्य विष्णुरात चतुर्वेदी ने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रदूषण तथा उससे उपजने वाले विकारों के नाश के लिए हवन व यज्ञ के महत्व को प्रतिपादित किया गया है। महामारी से निबटने के लिए ऋषि मुनियों द्वारा यह परंपरा अनादिकाल से निर्वहन की जाती रही है ।

धार्मिक पुस्तकों, वेदों एवम पुराणों में इसका विस्तृत वर्णन है। यही वजह है कि कोरोना वायरस से निबटने के लिए हवन ,यज्ञ को महत्वपूर्ण उपाय मानते हुए जिले भर में लोगो ने जगह जगह इस प्रकार के आयोजन किये है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस के प्रभाव को समाप्त करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 22 मार्च को पूरे देश मे जनता कर्फ्यू लगाने के आवाहन के मद्देनजर हनुमान मंदिर में चल रही भागवत कथा का समापन किया गया है। इसी क्रम में पूर्णाहुति यज्ञ भी सम्पन्न कराया गया।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper