किसानों के लिए खुशखबरी, ढ़ाई लाख से ज्यादा किसानों का माफ होगा ऋण ब्याज

लखनऊ ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि एक मुश्त समाधान योजना 2018 की शुरूआत कर दी गयी है। उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक से ऋण प्राप्त करने वाले प्रदेश के 263510 किसानों का कुल 150391 करोड़ ब्याज को तीन श्रेणी में माफ किया जायेगा।

प्रदेश के किसानों के कल्याणकारी एक मुश्त समाधान योजना 2018 की घोषणा के मौके पर माल एवेन्यू स्थित उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक के प्रांंगण में आयोजित पत्रकार वार्ता में सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी ने कहा कि उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक को मजबूत करने की कड़ी में एक मुश्त समाधान योजना 2018 लायी गयी है। इसमें किसानों के दीर्घकालीन व मध्यकालीन ऋण से बकाया मूलधन 1028.52 करोड़ रूपये वसूला जायेगा।

सहकारिता मंत्री ने कहा कि उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक का 2542.43 करोड़ रूपये बकाया है। इसमें मूलधन रूपया 1028.52 करोड़ और ब्याज रूपया 1503.91 करोड़ है। इसमें 31 मार्च 1997 तक वितरित ऋण प्रकरणों में कृषकों का समस्त ब्याज माफ होगा, एक अप्रैल 1997 से 31 मार्च 2007 तक ऋण लेने वाले किसानों से मूलधन के बराबर ब्याज लेकर अवशेष ब्याज की छूट दी जायेगी और एक अप्रैल 2007 से 31 मार्च 2012 के बीच वितरित ऋणों में समझौता करने पर ब्याज में अधिकतम 50 प्रतिशत तक की छूट दी जायेगी। जब हम बकाया मूलधन प्राप्त कर लेंगे, तभी कुछ योजनाओं में उसे खर्च कर लाभ की स्थिति में आ सकेंगे।

उन्होंने कहा कि बकायेदार किसानों पर देय समस्त मूलधन की शत-प्रतिशत वसूली की जायेगी। अगर किसान दिवालिया हो गया है तो उसके विरूद्ध चालान की कार्यवाही होगी और वसूली में कोई कोताही नहीं बरती जायेगी। प्रदेश के हर जिले के ज्यादा से ज्यादा किसान योजना एक मुश्त समाधान का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जिला सहकारी बैंकों को मजबूत करने का कार्य हो रहा है। प्रदेश के 16 जिला सहकारी बैंकों में से नौ जिला सहकारी बैंकों जैसे आजमगढ़, बहराइच, बस्ती, फैजाबाद, फतेहपुर, सीतापुर एवं वाराणसी में सीबीएस का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 16 जिला सहकारी बैंकों की 394 शाखाओं में से 345 शाखाओं को सीबीएस सिस्टम से जोड़ दिया गया। अन्य सात बैंकों का भी अप्रैल माह में कार्य पूर्ण हो जायेगा।

गेहूं खरीद पर कहा कि विगत वर्ष में 19.24 लाख मीट्रिक टन गेहूूं खरीद कर 130 करोड़ रूपये लाभ कमा कर सहकारिता विभाग को आगे बढ़ाया है। इससे पूर्व विभाग में मात्र सात लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था। इस वर्ष 26 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक कुल 990 मीट्रिक टन गेहूं क्रय किया जा चुका है।

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