किसानों को योगी सरकार का तोहफा, यूरिया सस्ती

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में हुई कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी, इनमें किसानों को तोहफा देते यूरिया खाद में 35 रुपये प्रति बोरी की राहत, प्रयागराज के कुंभ कम्पवासी व श्रद्धालुओं को सस्ती चीनी, जापान व यूपी के बीच फूड चेन सप्लाई स्थापित करने के करार को मंजूरी दी। इसके साथ ही शैक्षिक सत्र 2019-10 के लिए परिषदीय स्कूलों में दी जाने वाली पाठ्य पुस्तकों के लिए नयी मुदण्रा-प्रशासन नीति पर भी मुहर लगा दी है।

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि जापान के कृषि, वानिकी व मत्स्य पालन विभाग और प्रदेश सरकार में एमओयू को कैबिनेट से मंजूरी दे दी गयी है। जापान की कंपनियां फूड सप्लाई चेन में पीपीपी मॉडल के आधार पर यहां निवेश कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि कुंभ मेला 2019 में आने वाले कल्पवासियों व श्रद्धालुओं को सरकार ने सस्ती दर पर चीनी उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। प्रतिकार्ड 2 किलो चीनी 17 रुपये किलो मिलेगी। अखाड़ों,दूसरी संस्थाओं को जरूरत के मुताबिक चीनी मिलेगी। यहां 20 लाख लोगों के आने की उम्मीद है। उप्र मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, 2008 के अन्तर्गत उर्वरक एवं अन्य निर्माता इकाइयों के लिए प्राकृतिक गैस पर वैट की दर निर्धारित करने को मंजूरी मिल गयी है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि अभी तक पाइप गैस सप्लाई पर 26 फीसद वैट, इंडिस्ट्री पर दस फीसद व यूरिया खाद फैक्ट्री पर भी 5-5 के दो अलग हिस्सों को मिलाकर दस फीसद वैट लिया जाता था, लेकिन इसको अब ज्यादा तार्किक बनाते हुए एडीशनल वैट को खत्म करते हुए एक समान वैट की वसूली करने का निर्णय लिया गया है।

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अब प्राकृतिक गैस पर 10 फीसद का फ्लैट वैट रखा गया है। सभी यूरिया कंपनियों को राहत मिलने पर किसानों को यूरिया खाद में 35 रुपये प्रति बोरी की राहत मिलेगी। इसका प्रस्ताव जल्द ही केन्द्र सरकार को भेजा जाएगा। घरेलू पाइप गैस सप्लाई से करीब 248 करोड़ रुपये का राजस्व आता था, इसमें अब कमी आएगी।नि:शुल्क किताबों की मुदण्रनीति में व्यापक बदलाव : योगी कैबिनेट ने परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को दी जाने वाली मुफ्त किताबों की मुदण्रनीति में तीन प्रमुख बदलावों को मंजूरी दे दी है। अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा प्रभात कुमार ने बताया कि अभी तक किताबें वाटर मार्क कागज पर छपती थी, लेकिन अब इसको खत्म कर दिया गया है और किताबों की छपाई सामान्य श्रेणी के कागज पर होने के कारण लागत में 10-20 फीसद की कमी आएगी, साथ ही प्रतिष्पर्धा भी बढ़ेगी।

इसकी तरह एक और बदलाव किया गया है अब किताबों की छपाई एक दिन पचास टन कागज की छपाई करने वाले प्रकाशन कर सकेंगे और तक यह मानक 100 टन प्रति दिन की था, एक और बदलाव करते हुए अन्रेस्ट मनी को भी 2 फीसद से घटाकर एक लाख पर 100 रुपये अर्थात एक फीसद कर दिया गया है। दावा किया कि नए शैक्षिक सत्र में छात्र-छात्राओं को अप्रैल के पूर्व ही न सिर्फ किताबें बल्कि स्कूल बैग व एक सफ्ताह में यूनिफार्म विद जूते-मोजे दे दिए जाएंगे।

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