किसानों ने मोदी सरकार को हड़काया, कहा- मांगे पूरी करो वरना रास्ता दिखा देंगे

अखिलेश अखिल

कल तक देश के किसान मोदी सरकार के पक्ष में थे लेकिन अब वे आजिज आ गए हैं। सरकार की किसान नीति उन्हें अब नहीं सुहा रही है। भारतीय किसान यूनियन ने आगाह किया है कि अगर किसानों को लागत और उस पर 50 प्रतिशत का अतिरिक्त लाभ जोड़कर न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसे चुनावी वादे को सरकार पूरा नहीं करती है तो वर्ष 2019 के आम चुनाव में किसान भाजपा को पराजय का रास्ता दिखा सकते हैं।संगठन ने भारतीय आंदोलन समन्वय समिति (आईसीसीएम) बैनर के तहत अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर 13 मार्च को किसानों की महापंचायत बुलाई है जिसमें बाकी मुद्दों के अलावा न्यूनतम समर्थन मूल्य के बारे में चर्चा की जाएगी।

बीकेयू के महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा, ‘देश में किसानों की स्थिति कभी भी इतनी दयनीय नहीं थी। भाजपा ने अपने चुनावी वायदे में कहा था कि लागत के अलावा 50 प्रतिशत के लाभ के साथ (सी2+50) एमएसपी को तय किया जाएगा। वर्ष 2018 के बजट में वित्तमंत्री ने ‘ए2+एफएल’ का फॉर्मूला दिया है जो हम स्वीकार नहीं करेंगे।’ आपको बता दें कि ‘ए2+एफएल’ फॉर्मूले में भूमि के साथ-साथ अन्य लागत के बारे में विचार नहीं किया जाता है। इसलिए सरकार को एमएसपी निर्धारित करते समय ‘सी2+50’ फॉर्मूले पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सरकार से अपने चुनावी वायदे को सरलीकृत नहीं करने की अपील की है। सिंह ने आरोप लगाया कि कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) एक सरकारी निकाय है जो न्यूनतम समर्थन मूल्य को तय करने के संबंध में सिफारिश करता है।

उन्होंने कहा कि वह लागत का आकलन करते समय और एमएसपी निर्धारण के समय ठीक से काम नहीं कर रहा है। बाकी मांगों में बीकेयू का मानना है कि सरकार को महज 24 फसलों का ही नहीं बल्कि सारी फसलों का एमएसपी निर्धारित करना चाहिए। उनकी मांग है कि जीन स्तर पर संवर्धित की गई फसलों को प्रतिबंधित किया जाए तथा किसानों के ऋणों को माफ किया जाए। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड पर ऋण सीमा को तीन लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने की भी मांग की है। इसके अलावा उनकी मांग है कि दीर्घावधिक कृषि ऋण पर ब्याज मुक्त ऋण का प्रावधान किया जाए और किसानों के लिए गारंटीशुदा न्यूनतम आय घोषित की जाए। इसके बाद किसानो की मांग है कि सरकार को हर हाल में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करनी चाहिए। पहले यही बीजेपी इस रिपोर्ट का सपोर्ट कर रही थी और सरकार बन जाने के बाद इसका विरोध कर रही है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper