किसान केंद्रित हो सकता है मोदी सरकार का बजट

नई दिल्ली: नरेंद्र मोदी सरकार बजट पेश करने की तैयार‍ियों में जुट गई है। बजट में क्या-क्या हो सकता है, इसे लेकर कयास शुरू हो गए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि यह बजट कृषि केंद्रित होगा। कृष‍ि काफी बुरे दौर से गुजर रही है। अत: मोदी सरकार का फोकस कृष‍ि की हालत सुधारने के साथ ही 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने पर हो सकता है। इसी तरफ डच बैंक ने भी इशारा किया है। बैंक ने उम्मीद जताई है कि सरकार बजट में मनरेगा के लिए फंड में बढ़ोतरी करेगी। इसके साथ ही किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने समेत कई उपाय इस बजट में किए जा सकते हैं।

उधर, एसोचैम भी सरकार को हिदायत दे चुकी है कि उसे इस बजट में कृष‍ि पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। वैसे भी मौजूदा समय में कृषि और किसान के हालात अच्छे नहीं हैं। कृष‍ि देश की जीडीपी में करीब 17 फीसदी की हिस्सेदारी रखती है। यह सेक्टर 50 फीसदी आबादी को रोजगार देता है, लेक‍िन बेमौसम बारिश, कर्ज का बोझ, कम न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार तंत्र ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। 2016-17 में कृष‍ि निर्यात गिरा है। 2013-14 के 43.23 अरब डॉलर के निर्यात के मुकाबले यह गिरकर 33.87 अरब डॉलर पर आ गया है।

इधर कृषि आयात लगातार बढ़ता जा रहा है। 2013-14 में यह 15.03 अरब डॉलर था, जो वित्त वर्ष 2016-17 में 25.09 अरब डॉलर हो गया है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार निर्यात बढ़ाने के लिए नई घोषणाएं करेगी। बता दें कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले इस सरकार का यह आख‍िरी पूर्ण बजट है। ऐसे में सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कई उपाय बजट में कर सकती है।

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नेशनल सैंपल सर्वे के मुताबिक भारत में किसान परिवार की औसत आय 6426 रुपए है। कि‍सानों की आय को दोगुना करने के लि‍ए सरकार ने जो कमेटी बनाई है, उसने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि किसानों की आय हर साल 10.41 फीसदी बढ़ाने के लि‍ए निजी निवेश में 7.86 फीसदी की बढ़त करना जरूरी है। बजट में इस सुझाव पर अमल संभव है।

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