किसी के ऑफिस में घुसकर केजरीवाल कैसे दे सकते हैं धरना: कोर्ट

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों द्वारा उप-राज्यपाल के समक्ष धरना प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि इसे धरना कैसे कहा जा सकता है। हाईकोर्ट ने कहा कि आप किसी के आवास या दफ्तर में घुसकर धरना कैसे दे सकते हैं।

सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि कल आईएएस अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वे मंत्रियों द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। तब हाईकोर्ट ने कहा कि आप धरना दे रहे हैं। आपको धरना देने की अनुमति किसने दी। दिल्ली सरकार के वकील ने कहा कि यह व्यक्तिगत फैसला है। तब कोर्ट ने पूछा कि क्या ये अधिकृत था।

दिल्ली हाईकोर्ट में वक़ील हरिनाथ राम ने एक याचिका दायर कर कहा है कि दिल्ली में संवैधानिक संकट पैदा हो गया है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को निभाने में नाकाम रहे हैं। वे धरना प्रदर्शन में ही व्यस्त हैं। उनके धरना-प्रदर्शन को खत्म करने का दिशा-निर्देश जारी किया जाए। हाईकोर्ट में आज इस याचिका को जल्द सुनवाई के लिए मेंशन किया गया। कोर्ट इस पर 18 जून सोमवार को सुनवाई करने के लिए तैयार हो गया है।

दिल्ली के उप-राज्यपाल के निवास पर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्रियों के धरना-प्रदर्शन के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में एक वक़ील ने याचिका दायर कर मांग की है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके मंत्रियों का धरना प्रदर्शन ख़त्म करवाया जाए। याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों के धरना-प्रदर्शन से दिल्ली में प्रशासन का कामकाज ठप पड़ गया है और दिल्ली सरकार पर संवैधानिक संकट भी खड़ा हो गया है ऐसे में धरना प्रदर्शन ख़त्म करवाया जाए।

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